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डाउनलोड करेंदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलकर 1984 में हुए सिख नरसंहार की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पिछले दिनों कांग्रेस के उपाध्यक्ष, राहुल गांधी ने एक टेलीविजन चैनल को इंटरव्यू देते हुए 1984 के दंगों के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया था।
राहुल गांधी ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मैं उस दंगे का हिस्सा नहीं था। इसके स्थान पर राहुल ने 2000 में गुजरात में हुए दंगों के लिए नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया। गौरतलब है कि 1984 में इंदिरा गांधी की सिख सुरक्षाकर्मियों के द्वारा हत्या किए जाने के बाद से हजारों सिख पुरुष और महिलाओं का कत्ल हुआ था।
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने 2002 के दंगों का बार-बार जिक्र करने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की है।
राहुल गांधी एक तरफ गुजरात दंगों के लिए एसआईटी के गठन की मांग करते हैं तो दूसरी तरफ 1984 के सिख विरोधी दंगों से अपना पल्ला झाड़ते हैं। सुप्रीम करोर्ट के सीनियर वकील एचएस फुल्का जो सिख विरोधी दंगों का केस लड़ते रहे हैं ने कहा कि अगर कांग्रेस गुजरात में एसआईटी के गठन की मांग करती है तो वह 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के लिए एसआईटी के गठन से क्यों भाग रही है? इससे समाज में क्या संदेश जाता है?
फुल्का ने आगे कहा कि अभी तक 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए 9 एसआईटी का गठन हो चुका है लेकिन किसी भी आयोग को कुछ भी नहीं मिला।
भाजपा के प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि कांग्रेस पूरी तरह से झूठ बोलती रही है और 1984 के सिख विरोधी दंगों से वह बच नहीं सकती है। उसे इसकी जिम्मेदारी लेनी ही होगी।
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