नई दिल्ली. विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच 21 दिन के गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच कोई ‘सौदेबाजी’ नहीं हुई थी। यह पूछने पर कि क्या भारत और चीन ने गतिरोध समाप्त करने के लिए कोई सौदेबाजी की थी, खुर्शीद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई सौदेबाजी नहीं हुई थी। हम इस स्तर पर सौदेबाजी नहीं करते। खबरों में कहा गया है कि लद्दाख के चुमार इलाके से अपने शिविर हटाने पर भारत के राजी होने के बाद ही चीन ने दौलत बेग ओल्डी सेक्टर की देपसंग घाटी से अपने सैनिक हटाने पर सहमति दी।
नौ मई से शुरू हो रही चीन की यात्रा के बारे में पूछने पर विदेश मंत्री ने कहा कि हम भविष्य के बारे में बात करेंगे और हमारा नेतृत्व इसके लिए प्रतिबद्ध है। भारत और चीन जो भी बड़े काम कर सकते हैं, उन्हें मिलकर अवश्य करना चाहिए। चीन के विदेश मंत्री वंग यी और प्रधानमंत्री ली कीक्यांग के साथ मुलाकात के दौरान खुर्शीद संभवत: चीन की घुसपैठ का मुद्दा उठाएंगे। सीमा के मुद्दों के अलावा खुर्शीद की यात्रा का मकसद ली की भारत यात्रा के कार्यक्रम को अंतिम रूप देना है। ली अपने भारत प्रवास के दौरान नई दिल्ली और मुंबई दोनों जगह जाएंगे। चीन के नए प्रधानमंत्री ने अपनी पहली विदेश यात्रा भारत की ही करने का फैसला किया ताकि वह भारत की जनता और नेताओं के साथ दोस्ती की डोर बांध सकें।