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जानिए, भारत और चीन के बीच हुए कौन से 12 समझौते

7 वर्ष पहले
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फोटो: हैदराबाद हाउस में मोदी और जिनपिंग।
नई दिल्ली. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गुरुवार को हुई शिखर वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच 12 समझौतों पर दस्तखत किए गए। समझौते के मुताबिक, चीन अगले पांच सालों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। लेकिन दोनों देश सीमा विवाद को लेकर कोई ठोस उपाय नहीं खोज सके।
ये 12 समझौते हुए:
1. कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथू ला दर्रे से नया रास्ता देने पर चीन राजी हो गया है। अभी तक उत्तराखंड के लिपूलेख दर्रे से ही लोग कैलाश मानसरोवर की सालाना धार्मिक यात्रा करते रहे हैं। नाथू ला दर्रे से होकर गुजरने पर चीन की जमीन पर बनी सड़क के जरिए कम समय में कैलाश मानसरोवर की यात्रा की जा सकती है।

2. भारतीय रेल की स्पीड बढ़ाने, हाई स्पीड ट्रेन चलाने की संभावना का अध्ययन करने, भारतीय रेलकर्मियों की ट्रेनिंग, रेलवे स्टेशनों का नए सिरे से विकास और रेलवे यूनिवर्सिटी बनाने जैसे क्षेत्रों में चीन सहयोग देने को तैयार हो गया है।

3. चीन खास रेल परियजोनाओं में सहयोग को भी राजी हुआ है।

4. भारत और चीन के बीच व्यापार के क्षेत्र में सहयोग का समझौता।

5. चीन के बाजार में कृषि से जुड़े और दवा जैसे भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाई जाएगी।

6. ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन का समझौता। दोनों देश संसाधनों को साझा कर फिल्में बनाएंगे।

7. तस्करी जैसे सीमा पर होने वाले आर्थिक अपराध रोकने के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनी है।

8. स्पेस मिशन में सहयोग को लेकर समझौता। अंतरिक्ष कार्यक्रमों में रिसर्च, डेवलपमेंट में आपस में सहयोग करेंगे दोनों देश।

9. सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर सहमति। इसके तहत संग्राहलयों, पुरातत्व संस्थाओं और परफॉर्मिंग आर्ट्स के क्षेत्र में सहयोग और आदान-प्रदान किया जाएगा।

10. चीन 2016 के नई दिल्ली पुस्तक मेले में हिस्सा लेगा।
11. दवा के क्षेत्र में समझौता। इसके तहत ड्रग स्टैंडर्ड, पारंपरिक दवाओं और ड्रग टेस्टिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देश साथ काम करेंगे।
12. मुंबई और शंघाई के बीच सिस्टर सिटी रिश्ता बनाया जाएगा। शंघाई के तर्ज पर मुंबई के विकास पर भी दिया जाएगा जोर।
समझौते के बाद मीडिया से मुखातिब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "चीन के साथ हमारा व्यापार क्षमता से बहुत कम है। मैंने चीन से कहा है कि भारतीय कंपनियों को वहां बाजार मुहैया कराया जाए। जिनपिंग ने कहा है कि वे इस मुद्दे पर विचार करेंगे। हमारी कोशिश है कि दोनों देशों के बीच शिखर सम्मेलनों का दौर चलता रहे।" मोदी ने यह भी कहा, "मैंने भारत में बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए चीन को आमंत्रित किया है। रेलवे के क्षेत्र में चीन निवेश के लिए तैयार हुआ है। सिविल न्यूक्लियर मामले में सहयोग के लिए दोनों देश बातचीत करने पर सहमत हुए हैं।"
अगली स्लाइड में पढ़िए, बुधवार को चीनी राष्‍ट्रपति के गुजरात पहुंचने पर हुए तीन समझौतों के बारे में...