नई दिल्ली. वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के
लोकसभा चुनाव लड़ने के
प्लान के कारण बीजेपी में एक बार फिर से तनातनी के आसार नजर आ रहे हैं। बीजेपी, आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को इस बार लोकसभा के बजाय राज्यसभा भेजना चाहती है। लेकिन, आडवाणी
लोकसभा चुनाव लड़ने पर अडिग बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को निर्देश दिया है कि 75 साल से अधिक उम्र के नेता को इस बार लोकसभा टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। इससे पहले आडवाणी
नरेंद्र मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर अपनी नाराजगी साफ तौर पर जाहिर कर चुके हैं, लिहाजा राजनाथ अब दोबारा आडवाणी के साथ
टकराव नहीं चाहते हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यही कहा है कि आडवाणी जी जैसा चाहेंगे, वैसा ही होगा। लेकिन, संघ के दबाव के चलते
राजनाथ के सामने संकट खड़ा हो गया है।
आडवाणी ने गणतंत्र दिवस के दिन मीडिया से कहा था कि वह पहले ही लोकसभा चुनाव लड़ने के बारे में साफ तौर पर कह चुके हैं उन्होंने कहा था, 'मैंने तो ऐसा (राज्यसभा जाने के लिए) नहीं कहा, यदि कोई मुझे सुझाव देगा तो मैं सोचूंगा'
गौरतलब है कि 2009 के लोकसभा चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी ने गुजरात के गांधीनगर से, जबकि मुरली मनोहर जोशी ने यूपी के वाराणसी से चुनाव लड़ा था। इस बार के लोकसभा चुनाव में इन दोनों सीटों से नरेंद्र मोदी को संभावित उम्मीदवार बताया जा रहा है।
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के चार वरिष्ठ नेताओं से जब इस बारे में अलग-अलग बात की गई तो चारों नेताओं ने स्वीकार किया कि पार्टी की इच्छा आडवाणी और जोशी को राज्यसभा भेजने की है।
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