नई दिल्ली. कांग्रेस
लोकसभा चुनाव में एक बड़े वादे के साथ मैदान में उतरने जा रही है। पार्टी अपने
चुनावी घोषणा-पत्र में यूनिवर्सल हेल्थकेयर कवरेज को शामिल करने की तैयारी में है। इसके तहत लोगों को सरकारी अस्पतालों और हेल्थ सेंटर पर दवाइयां मुफ्त मिलेंगी।
हालांकि, यूपीए के
घोषणापत्र में भी हेल्थकेयर कवर में सुधार करने की बात की गई थी। लेकिन फिर भी इस क्षेत्र में सुधार की
रफ्तार बेहद धीमी रही। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक
कांग्रेस एक विधेयक के माध्यम से व्यवस्था करेगी कि लोगों को मुफ्त में दवाइयों का वितरण किया जाए। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के वादा के साथ कांग्रेस एक बार फिर से खुद को गरीबी की हमदर्द पार्टी के तौर पर पेश करेगी।
हेल्थकेयर सुविधाओं का गरीबों की पहुंच से बाहर होना, उनकी गरीबी और कर्ज बढ़ने का प्रमुख कारण है। देश में
जीडीपी का करीब 1.04 फीसदी ही हेल्थकेयर पर खर्च किया जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक भारत में पचास से साठ फीसदी जनता की जरूरी हेल्थकेयर तक पहुंच नहीं है।
राष्ट्रीय सलाहकार परिषद पहले ही इस मुद्दे पर काम करने के लिए कह चुकी है। लिहाजा इस चुनाव में कांग्रेस इसे एक बड़े वादे के तौर पर ले रही है।