फोटोः मंत्री के रूप में शपथ लेते समय अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं गोकुला इंदिरा।
चेन्नई. आय से अधिक संपत्ति मामले में चार साल की जेल की सजा काट रहीं
एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता की ओर से सोमवार को जमानत याचिका दायर कर दी गई। मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
जयललिता की ओर से मशहूर वकील राम जेठमलानी कोर्ट में पेश होंगे। इस बीच, पन्नीरसेल्वम ने जयललिता के प्रति अपनी अटूट निष्ठा जाहिर करते हुए उस चैंबर का इस्तेमाल न करने का फैसला किया है, जिसमें मुख्यमंत्री के रूप में जयललिता बैठती थीं। सोमवार को सीएम के रूप में शपथ लेने के बाद पन्नीरसेल्वम ने उसी चैंबर में बैठना पसंद किया, जिसमें कुछ दिनों पहले तक वे मंत्री के रूप में बैठते थे। 2001 में भी जब पन्नीरसेल्वम मुख्यमंत्री बने थे, तब भी वे उस कुर्सी पर कभी नहीं बैठे, जिस पर जयललिता सीएम के रूप में बैठा करती थीं। इससे पहले शपथ लेते समय पन्नीरसेल्वम और उनकी कैबिनेट के कई मंत्रियों को रोते हुए देखा गया। मंच पर जज्बाती हुए मंत्रियों में नाथम आर. विश्वनाथन, आर वैथीलिंगम और गोकुला इंदिरा शामिल हैं।
कभी खेती करने और चाय बेचने वाले पन्नीरसेल्वम राज्य सरकार में वित्त मंत्री थे। OPS के नाम से पहचाने जाने वाले पन्नीरसेल्वम को जयललिता का सबसे करीबी औऱ वफादार नेता माना जाता है। पन्नीरसेल्वम को 2001 में भी अंतरिम सीएम बनाया गया था। तब जयललिता को सुप्रीम कोर्ट ने एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराया था और उन्हें जेल भेजा गया था। पन्नीरसेल्वम ने रविवार शाम को गवर्नर के रोसैया से मुलाकात की थी।
सीएम बने पर नहीं बैठते थे जयललिता की कुर्सी पर
जयललिता के प्रति पन्नीरसेल्वम के सम्मान का अंदाजा इस से लगाया जा सकता है कि 2001 में सीएम बनाए जाने के बाद भी वह सीएम ऑफिस में जयललिता की कुर्सी पर नहीं बैठते थे। वह सचिवालय में विजिटर चेयर पर बैठना पसंद करते थे। इस दौरान उन्होंने संजीदा फाइलों को भी हाथ नहीं लगाया।
निगम की राजनीति से सीएम तक
जनवरी 1951 में पैदा हुए पन्नीरसेल्वम दक्षिणी तमिलनाडु में प्रभावशाली थेवर समुदाय से आते हैं। वह थेनी जिले के बोडीनाकनूर सीट से विधायक हैं। राजनीति में आने से पहले वह चाय बेचा करते थे, जबकि उनका परिवार खेती में लगा था। 1996 में वह पेरियाकुलम म्युनिसिपैलिटी के जरिए सक्रिय राजनीति में आए और चेयरमैन बने। पन्नीरसेल्वम के करीबी नेता बताते हैं कि वह 1972 से पार्टी के कार्ड धारक कार्यकर्ता थे। वह 2001 में वह पेरियाकुलम सीट से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर बनाए गए।
पन्नीरसेल्वम के भाई अब भी चलाते हैं चाय की दुकान
पन्नीरसेल्वम के पिता खेती-बाड़ी करते थे, लेकिन एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) के लिए काम करते थे। पन्नीरसेल्वम के भाई अब भी पेरियाकुलम में चाय की दुकान चलाते हैं और उनका परिवार खेती करता है। बताया जाता है पन्नीरसेल्वम पहली बार शशिकला के संबंधी टीटीके दिनाकरन के जरिए जयललिता से मिले थे।