नई दिल्ली. रेल मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी गांधी जयंती के दिन रेलवे स्टेशन पर सफाई करते नजर आएंगे। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की इच्छा है कि गांधी जयंती के दिन अधिकारी खुद सफाई अभियान में शामिल हों। यही वजह है कि रेल मंत्रालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
अन्य मंत्रालय के लोगों को भी अभियान में शामिल होने के निर्देश
मंत्रालय ने बोर्ड मेंबर्स, एडिशनल मेंबर्स, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ज्वाइंट सेक्रेटरीज समेत 245 अधिकारियों को सफाई के लिए एक-एक स्टेशन नियत किया है। इन निर्देशों के बाद रेल भवन में ऐसे जोक्स भी सुने जा रहे हैं, जिसमें एक अधिकारी दूसरे से कह रहा है, "ध्यान रहे कि आप मेरे लिए झाडू खरीद लें।" अधिकारियों को कहा गया है कि वे न केवल सफाई के काम-काज का जायजा लें, बल्कि 'श्रमदान' भी करें। वहीं, कैबिनेट सेक्रेटरी अजीत सेठ ने सभी मंत्रालयों के अधिकारियों को कहा है वह दो अक्टूबर को रेलवे के सफाई अभियान में हिस्सा लें। देश में करीब 7 हजार रेलवे स्टेशन हैं।
कैमरों से होगी निगरानी
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अमरेंद्र कुमार ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। जोनल रेलवे अधिकारियों को कहा गया है कि वे सफाई अभियान की वीडियोग्राफी कराएं और 'सफाई से पहले-सफाई के बाद' की तस्वीरें भी भेजें। चेयरमैन की ओर से भेजे गए निर्देशों में कहा गया है, 'स्टेशन, ट्रेन, ट्रेक, ऑफिसेस, वर्कशॉप, रेलवे कॉलोनी में श्रमदान आयोजित किया जाएगा। इसमें सभी अधिकारी और स्टॉफ भाग लेंगे। यह अभियान आठ घंटे तक चलेगा।'
छोटे स्टेशनों को सफाई अभियान आयोजित करने के लिए एक-एक हजार रुपए दिए गए हैं। इस दिन स्टेशन पर गंदगी फैलाने वाले के खिलाफ पहले से ज्यादा जुर्माना लगाया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्टेशनों की निगरानी भी की जाएगी।
रेलवे परिचालन भी न हो बाधित
रेल मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी रेलवे स्टेशनों को देश के सबसे गंदे पब्लिक एरिया में से मानते हैं। रेल भवन के अधिकारी इस सफाई अभियान से एक संदेश भेजना चाहते हैं कि सार्वजनिक स्थानों की सफाई बेहद जरूरी है। दो अक्टूबर के दिन मंत्रालय सभी शीर्ष अधिकारियों को ट्रैवल और अन्य सुविधाओं के लिए अलग से पैसे देगा और जूनियर कर्मचारियों को छु्ट्टी के दिन काम करने के लिए उस दिन का दोगुना वेतन दिया जाएगा। हालांकि, रेलवे परिचालन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को सफाई अभियान से दूर रखा जाएगा, ताकि रेल सर्विस में कोई बाधा खड़ी न हो।