@ShamiWitness टि्वटर अकाउंट का स्क्रीनशॉट, जो अब डीएक्टिवेट कर दिया गया है।
बेंगलुरु. बेंगलुरु में गिरफ्तार किए गए 24 साल के मेहदी मसरूर ने आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए
टि्वटर हैंडल ऑपरेट करने की बात कबूल कर ली है। उसके खिलाफ देश के लिए जंग छेड़ने का केस दर्ज किया गया है। कर्नाटक के डीजीपी ने शनिवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले में मिली जानकारी शेयर की। डीजीपी के मुताबिक, मेहंदी मसरुर पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह कॉलेज प्लेसमेंट के जरिए 2012 में बेंगलुरु आया था और वहां एक बड़ी फूड कंपनी में बतौर मार्केटिंग एग्जेक्यूटिव काम कर रहा है। बता दें कि ब्रिटेन के चैनल 4 ने खुलासा किया था कि मेहंदी मसरुर आईएसआईएस के लिए टि्वटर हैंडल ऑपरेट करता है। इसके बाद खुफिया एजेंसियों ने उसे शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था।
कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी का पूर्व में कोई क्रिमिनल रेकॉर्ड नहीं है। वह सिर्फ साइबर वर्ल्ड में ही एक्टिव है। दिन में ऑफिस में सामान्य जीवन बिताने के बाद वह रात में ट्वीट करता था। इसके अलावा, वह कुछ अंग्रजी बोलने वाले आईएसआईएस आतंकियों से बातचीत कर चुका है। यह भी पता चला है कि वह आईएसआईएस जॉइन करना चाह रहे लोगों की मदद करता था। उसके पास से दो
मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए हैं।
मेहदी की दलील
इससे पहले
मेहदी मसरूर बिस्वास नाम के इस शख्स ने एक अंग्रेजी अखबार को बेंगलुरु से फोन पर बताया था कि उसे पुलिस का डर सता रहा है। 24 साल के बिस्वास ने बताया कि उन्होंने ब्रिटेन के चैनल 4 को बस इतना कहा था कि सिर कलम करना इस्लाम का अंग है। इसका मतलब यह नहीं है कि वह सिर कलम करने का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा- चैनल ने मेरा इंटरव्यू दिखा कर मामले को पेचीदा बना दिया है। पुलिस अब मेरा पीछा कर रही है और मैं डरा हुआ हूं। मेहदी के मुताबिक, उनका आईएसआईएस से कोई लेना-देना नहीं है। मेहदी ने कहा कि इंटरव्यू के बारे में मैंने अपने ऑफिस में नहीं बताया है और इसलिए वे लोग मेरे बारे में गलत सोच रहे होंगे।
क्या है आरोप
मूल रूप से
कोलकाता के रहने वाले मेहदी का कहना है कि उनका टि्वटर अकाउंट हैक हो गया था। लेकिन चैनल 4 के मुताबक, मेहदी शमी विटनेस नाम के टि्वटर अकाउंट से रोजाना ट्वीट्स करता है। इस अकाउंट से किए गए ट्वीट्स महीने में 20 लाख बार देखे जाते हैं। अकाउंट के करीब 18 हजार फॉलोअर्स हैं। यह जिहादी नेटवर्क, आईएसआईएस समर्थकों और इससे जुड़े रिक्रूटमेंट का बड़ा स्रोत है। चैनल के मुताबिक, आईएसआईएस के लिए लड़ रहे करीब दो-तिहाई लड़ाके इस अकाउंट को फॉलो करते हैं। इस वजह से यह आईएसआईएस के सबसे प्रभावी सोशल मीडिया अकाउंट में से एक है।
माता-पिता बोले, निर्दोष है बेटा
कोलकाता के बिमान नगर में उसके माता-पिता भी इस खुलासे के बाद परेशान हैं। उसके पिता होम्योपैथी के डॉक्टर हैं जबकि मां हाउसवाइफ हैं। उसके पिता मेकैल बिस्वास ने कहा कि मुसलमान होने के कारण हमें आसानी से आतंकी ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनका पुत्र निर्दोष है और उसे फंसाया जा रहा है। इस बीच, जांच एजेंसियां उसके कोलकाता स्थित कॉलेज में उसके संपर्कों की जांच-पड़ताल कर रही हैं।
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