नई दिल्ली. पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित मशहूर शायर निदा फाजली इनदिनों विवादों में घिरे हुए हैं। बीते 20 अप्रैल को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री पुरस्कार हासिल कर चुके फाजली ने सम्मान समारोह के दो दिनों बाद 22 अप्रैल को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में क़ौमी काउंसिल के एक मुशायरे में शिरकत करते हुए विवादित शेर पढ़ दिया। ये शेर था-'उठ-उठ के मसजिदों से नमाज़ी चले गए, दहशतगरों के हाथ में इसलाम रह गया।'
निदा का यह शेर कुछ सुनने वालों को नागवार गुजरा और उनसे माफी मांगने को कहा गया। लेकिन निदा ने माफी नहीं मांगी। इस मामले के सामने आने के बाद देश के ज्यादातर उर्दू अखबारों में निदा की जमकर आलोचना हो रही है। लेकिन निदा फाजली ने अब तक माफी नहीं मांगी है।