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  • बिहार में राजनीतिक संकट के बीच विधायकों को लेकर दिल्ली पहुंचे नीतीश

नीतीश कुमार बोले-CM की कुर्सी छोड़ना भूल थी, सोचा नहीं था मांझी ऐसा करेंगे

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली/पटना. जदयू नेता नीतीश कुमार को हाईकोर्ट से झटका लगा है। पटना हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार को स्पीकर द्वारा विधानमंडल का नेता घोषित किए जाने के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि जब तक इस मामले को लेकर बिहार के राज्यपाल का फैसला नहीं आ जाता है, तब तक स्पीकर द्वारा नीतीश को विधायक दल के नेता की मान्यता देने का कोई मतलब नहीं है। अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। उधर, नीतीश कुमार बुधवार शाम130 विधायकों के साथ राष्ट्रपति के पास पहुंचे । इनमें जेडीयू के अलावा आरजेडी और कांग्रेस के विधायक भी शामिल हैं।
शरद यादव बोले- सबकी सहमति पर ही नीतीश को बनाया गया नेता
पटना हाईकोर्ट द्वारा नीतीश कुमार को विधानमंडल का नेता बनाए जाने के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है। शरद यादव ने कहा, "मैं कोर्ट के फैसले पर कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन नीतीश कुमार को पार्टी के संविधान के अनुसार ही नेता चुना गया। मैंने पार्टी के नियमों के तहत ही बैठक बुलाई और सबकी एक राय से नीतीश कुमार को नेता बनाया गया।"
बता दें कि जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने बैठक बुला कर नीतीश कुमार को नेता चुना था, जिसके खिलाफ जीतन राम मांझी के खेमे के एक विधायक ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।
नीतीश ने स्वीकारा-सीएम की कुर्सी छोड़ना भूल थी
इस बीच, नीतीश ने पहली बार स्वीकार किया कि बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ना भूल थी। पद छोड़कर जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाने वाले नीतीश कुमार ने कहा, "मैंने कभी सोचा नहीं था कि मांझी ऐसा करेंगे।" नीतीश ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा, "लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद मुझे लगा था कि पार्टी के लिए काम करना चाहिए, इसिलए मैंने सीएम का पद छोड़ा था।" सीएम का पद छोड़ने के लिए अफसोस जताते हुए नीतीश ने इशारों में माना कि पद नहीं छोड़ना चाहिए था।
मेरे खिलाफ बीजेपी ने की साजिश
नीतीश कुमार ने एक बार फिर कहा, "बीजेपी ने मुझे अलग-थलग करने की साजिश रची। लेकिन हम और हमारी पार्टी चेत गई। लोगों का मूड देख कर मैं फिर से काम करने को तैयार हुआ हूं। जितना भी वक्त मिलेगा, मैं बिहार की जनता के लिए काम करूंगा।" उन्होंने कहा कि बिहार में मेरी वापसी से बीजेपी डर गई है और इसलिए मुझे रोकने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही हैं।
बीजेपी ने कहा, सदन में होगा मांझी को समर्थन देने पर फैसला
बिहार में जदयू द्वारा सीएम पद से हटाए गए जीतन राम मांझी का विधानसभा सदन में विश्वास मत के दौरान बीजेपी समर्थन करेगी की नहीं, इस पर पार्टी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पार्टी ने इस मामले पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। समर्थन देने या न देने पर हालात के अनुसार पार्टी सदन के पटल पर ही फैसला होगा। हालांकि, शाहनवाज यह कहना नहीं भूले की पार्टी के सारे विकल्प खुले हुए हैं।
सदन से वॉक आउट कर सकती है बीजेपी
महादलित का अपमान बताते हुए भले ही बीजेपी की ओर से मांझी के समर्थन में अब तक बयान दिए जाते रहे हैं, लेकिन इस बात की संभावना कम है कि पार्टी सदन में उनका समर्थन करेगी। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, विश्वास मत के दौरान पार्टी के विधायक सदन से वॉक आउट कर जाएंगे।
'पॉलिटिकल टूरिज्म' कर रहे हैं नीतीश कुमारः बीजेपी
बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि नीतीश कुमार विधायकों को नई दिल्ली लाकर 'पॉलिटिकल टूरिज्म' कर रहे हैं। नीतीश ने एक नहीं कई गलतियां की हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी के खिलाफ लालू और कांग्रेस से हाथ मिलाया। बिहार की जनता देख रही है और चुनाव में इसका जवाब देगी। बीजेपी नेता सीपी ठाकुर ने कहा की नीतीश कुमार मीडिया हाइप के लिए यह सब कर रहे हैं। जितने पैसे से विधायकों को फ्लाइट से दिल्ली लाया गया और होटल में रखा जा रहा है, वही पैसा बिहार की जनता के कल्याण के लिए खर्च किया जा सकता था।