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नहीं बढ़ेगा रेल किराया, आयकर में छूट की सीमा बढ़ेगी

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली/लखनऊ. आम लोगों के लिए बजट से जुड़ी दों बड़ी खबरें है। इस बार रेल बजट में किराया बढ़ने की उम्मीद नहीं है। वहीं, आम बजट में इनकम टैक्स छूट सीमा में बढ़ोतरी के आसार हैं। इस बार रेल बजट 26 फरवरी और आम बजट 28 फरवरी को पेश होगा।
रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने शनिवार को लखनऊ में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, 'अभी रेल बजट में किराया बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है।' रेलवे के निजीकरण संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा, 'हमें निवेश की जरूरत है लेकिन रेलवे का निजीकरण नहीं होने देंगे।' एनडीए रेलवे के कई क्षेत्रों में 100 फीसदी विदेशी निवेश की इजाजत दे चुकी है।
बढ़ सकती है इनकम टैक्स छूट
सूत्रों के मुताबिक, फरवरी के अंतिम सप्ताह पेश होने वाले बजट में आयकर छूट सीमा को बढ़ाने का फैसला हो चुका है। हालांकि यह छूट कितनी होगी, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। पिछले साल बजट में 60 साल से कम उम्र वालों के लिए छूट सीमा दो से बढ़ाकर ढाई लाख रुपए सालाना की गई थी। इस बार कितनी बढ़ेगी, इस पर जानकार अलग-अलग संभावनाएं बता रहे हैं। कुछ का मत है कि यह तीन लाख हो सकती है, जबकि कुछ इसे पांच लाख तक मान रहे हैं। स्लैब में भी बदलाव संभ‌व है। अभी पांच से 10 लाख तक 20 फीसदी और 10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स लगता है। 30 फीसदी टैक्स के लिए 20 लाख रुपए की आय सीमा तय हो सकती है।
50,000 मेडिक्लेम प्रीमियम संभव : अभी सालभर में 15,000 रुपए तक रिइंबर्समेंट लेने की छूट है, लेकिन इस बार बजट में यह 50,000 हो सकती है। मेडिक्लेम प्रीमियम की सीमा भी 35 से बढ़कर 50 हजार हो सकती है। अभी अपने और परिवार के लिए 15 हजार और माता-पिता के लिए 20 हजार रुपए प्रीमियम की सीमा है। होमलोन पर ढाई लाख रुपए तक के ब्याज भुगतान पर कर छूट का लाभ मिल सकता है।
सब्सिडी में होगी कटौती: वित्तमंत्री कह चुके हैँ कि अगले बजट में खर्चों पर अंकुश लगाएंगे। ऐसे में अनुमान जताया जा रहा है कि इस बार खाद्य और उर्वरक सब्सिडी पर गाज गिर सकती है। डीजल को नियंत्रण मुक्त करने के बाद ईंधन सब्सिडी ज्यादा नहीं है। दूसरी छमाही में रसोई गैस और केरोसिन पर सब्सिडी सिर्फ 22,000 करोड़ रहने का अनुमान है।
घर पहुंचेगा ‘ऑन डिमांड' ब्रॉडबैंड : जल्द ही आपके पड़ोस का केबल वाला आपके घर ‘ऑन डिमांड' ब्रॉडबैंड पहुंचाएगा। इसके लिए दुनिया की लगभग आधा दर्जन कंपनियों ने दूरसंचार मंत्रालय के साथ प्रारंभिक स्तर की बातचीत कर ली है। ये कंपनियां सरकार से लाइसेंस लेंगी और केबल वाले उनके डिस्ट्रिब्यूटर-डीलर की तरह उपभोक्ता के घर ब्रॉडबैंड पहुंचाने का कार्य करेंगे। दूरसंचार मंत्रालय को उम्मीद है कि योजना क्रियान्वित होने पर तेज स्पीड ब्रॉडबैंड 200-300 रु. प्रति माह पर लोगों को 24 घंटे सुलभ हो सकता है।