पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Nothing Personal Against Manmohan: Vinod Rai

मेरी पूर्व पीएम मनमोहन से निजी खुन्नस नहीं है: पूर्व कैग विनोद राय

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(फाइल फोटोः पूर्व कैग विनोद राय और डॉ. मनमोहन सिंह)

नई दिल्ली. पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय ने मंगलवार को कहा कि कि उनकी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कोई व्यक्तिगत खुन्नस नहीं है लेकिन सरकार के मुखिया को सराहना तथा आरोप' दोनों की जिम्मेदारी लेनी होती है। गौरतलब है कि राय की किताब को लेकर इस समय बवाल मचा हुआ है। विनोद राय के समय पूर्व प्रधानमंत्री सिंह के कार्यकाल के समय के 2जी स्पेक्ट्रम और कोयला ब्लाक आवंटनों पर कैग की रपटों को लेकर भारी राजनीतिक हंगामा हुआ था। घोटालों को रोकने के लिए सिंह द्बारा कथित रूप से कोई कदम नहीं उठाए जाने की राय की टिप्पणी पर जहां कांग्रेस ने उनके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जतायी है वहीं अन्य दल इसके आधार पर पूर्व संप्रग शासन पर निशाना साध रहे हैं।

वाहवाही और आरोप दोनों स्वीकारने होते हैं-
राय ने एक इंटरव्यू में कहा कि प्रधानमंत्री सरकार का मुखिया होता है और संभव है कुछ निर्णयों में उनकी भूमिका नहीं हो। जैसा कि राष्ट्रमंडल खेलों के मामले में, वह प्रत्यक्ष रूप से किसी भी चीज के लिए जिम्मेदार नहीं थे। उन्होंने कहा कि लेकिन अंतत संस्थान के मुखिया को ही वाहवाही तथा आरोप दोनों लेने होते हैं। इस संदर्भ में मैंने बातें कहीं हैं और इसमें निजी खुन्नस की कोई बात नहीं है। राय ने कहा कि निश्चित रूप से इसमें व्यक्तिगत खुन्नस जैसा कुछ नहीं है। उदाहरण देते हुए पूर्व कैग ने कहा कि हमारी भारतीय टीम क्रिकेट खेलने इंग्लैंड गईं और सभी टेस्ट मैचों हमने खराब प्रदर्शन किया तो क्या इसके लिए टीम के कप्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया? हो सकता है कि कई बड़े खिलाड़ी सही तरीके से नहीं खेले लेकिन कप्तान को जिम्मेदारी लेनी होती है। विनोद राय ने कहा कि अगर आज मैं कैग होता और मेरे संस्थान में कुछ गलत होता, भले ही हमारी उसमें कोई भूमिका हो, तब भी मेरी जिम्मेदारी बनती है।
उन्होंने कहा,"मैं आपको अच्छा उदाहरण देता हूं। छह-आठ महीने पहले नौसेना में कुछ दुर्घटनाएं हुई, नौसेना प्रमुख ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया लेकिन उन हादसों में उनकी कोई भूमिका नहीं है लेकिन उनकी भी जिम्मेदारी बनती है।' राय की किताब 'द डायरी आफ नेशंस कान्शंस कीपर नाट जस्ट एन एकाउंटेंट' में 2008-13 के दौरान उनके कैग रहते विभिन्न मुद्दों का जिक्र है। इसमें 2जी और कोयला खदानों के आवंटन जैसे मामलों में सिंह की भूमिका का भी जिक्र है। पूर्व कैग की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने रविवार को कहा था कि मैंने वास्तव में अपना कर्तव्य निभाया। लोगों ने जो लिखा है, मैं उस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।
इस बारे में राय से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कर्तव्य को परिभाषित करने का उनका तरीका है और यह उपयुक्त है क्योंकि किसी खास परिस्थिति पर दो व्यक्ति एक ही तरह की टिप्पणी नहीं कर सकते। अगर आप उस जगह होते, आपका आकलन अलग हो सकता था।
आगे पढ़ें निरुपम के नोटिस का जवाब देंगे राय