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  • धर्म परिवर्तन के मामले पर संसद में दूसरे दिन भी हंगामा

वेंकैया नायडू बोले-हम तो ‘बचपन’ से धर्म परिवर्तन के खिलाफ, बनना चाहिए कानून

7 वर्ष पहले
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फोटो: संसद में वेंकैया नायडू।
नई दिल्ली. आगरा में धर्मांतरण मामले पर सरकार ने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि धर्म पर राजनीति करना गलत है। संसद में इस मुद्दे पर हुई बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि आरएसएस पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाना गलत है। वह महान संगठन है। उन्होंने कहा कि उन्हें आरएसएस से जुड़े होने पर गर्व है।
लोकसभा में दिन भर हुए हंगामे के बाद गुरुवार शाम आगरा में मुस्लिम परिवारों का बजरंग दल द्वारा धर्म परिवर्तन कराने के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। जहां विपक्ष ने घटना के लिए सीधे संघ को जिम्मेदार ठहराया, वहीं सरकार की ओर से जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि विपक्ष आरएसएस को बदनाम करने की कोशिश न करे। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ और फिर विपक्ष ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वे किसी संगठन का नाम नहीं लेना चाहते, लेकिन ये रिकॉर्ड पर है कि आरएसएस इसके पीछे है।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए नायडू ने कहा, ''दुनियाभर में पीएम की तारीफ हो रही है। जब से ये सरकार आई है, तब से दंगे कम हुए हैं। ये आंकड़े बता रहे हैं, लेकिन प्रचार किया जा रहा है कि दंगे बढ़ रहे हैं।'' नायडू ने कहा, ''कुछ लोगों को हिंदू शब्द से नफरत है। हालांकि, यह शब्द मोदी, नायडू या आरएसएस ने नहीं दिया है।''
नायडू ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा विपक्ष इस मुद्दे पर अफवाह फैलाना बंद करे, क्योंकि मामला राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए यह राज्य का विषय है। नायडू ने कहा कि आगरा के डीएम से उनकी बात हो गई है और वहां शांति व्यवस्था कायम है। नायडू ने कहा कि धर्मांतरण बहुत ही गंभीर विषय है। इसका सार्थक हल निकालना होगा।
मुलायम-मोदी मिले हुए हैं - ओवैसी
बहस में हिस्सा लेते हुए एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''मुलायम और मोदी मिले हुए हैं और उनकी ही मिलीभगत से यूपी में नूराकुश्ती हो रही है।'' ओवैसी ने कहा, ''आप लाख कोशिश कर लें, हम अपना मज़हब नहीं बदलेंगे।'' उन्होंने सरकार से पूछा, ''क्या आप अपने दो मंत्रियों को हटा देंगे। क्या मुसलमान और ईसाई तभी इस देश में असली नागरिक माने जाएंगे, जब तक वे अपना धर्म बदल नहीं लेते।''
दूसरी ओर, धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम ने कहा, ''एक सेक्युलर मुल्क में ऐसा नहीं होना चाहिए और ये पीएम और गृह मंत्री की जिम्मेदारी है।'' सलीम ने मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, ''जब से ये सरकार आई है, देश में धर्म के नाम पर बवाल करने वाले बढ़ गए हैं, लेकिन सरकार खामोश है।'' उन्होंने यह भी कहा, ''भगवा पहनने से कोई स्वामी नहीं हो जाता और जबरन धर्म परिवर्तन करवाना गलत है।''
दिन भर हंगामा, नायडू को देनी पड़ी सफाई
धर्म परिवर्तन मामले पर लोकसभा में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी विपक्षी पार्टियों के सदस्यों ने पूरे दिन हंगामा किया। हंगामे के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू को सफाई देनी पड़ी। इसी क्रम में उन्होंने कहा, ''हम तो ‘बचपन’ से ही धर्म परिवर्तन के खिलाफ हैं। यह गंभीर मामला है, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।'' नायडू ने सभी पार्टियों के इस मुद्दे पर मिलजुलकर काम करने और इससे जुड़े कानूनों को सख्त बनाने पर भी जोर दिया। नायडू दक्षिण भारत से हैं। संभवत: वह कहना चाहते थे कि वे शुरुआत से ही धर्म परिवर्तन के खिलाफ हैं, लेकिन 'बचपन' शब्द बोल गए।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, तृणमूल, राष्ट्रीय जनता दल और सीपीएम के सदस्य पोडियम के करीब पहुंच गए और 'मोदी सरकार, होश में आओ' और 'हिंदू मुस्लिम भाई-भाई' के नारे लगाने लगे। कांग्रेस प्रवक्ता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुमित्रा महाजन से इस मुद्दे पर बहस कराने की मांग की। वहीं, मुलायम सिंह यादव ने कहा कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। इसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। फिर से कार्यवाही शुरू हुई, तो राजनीतिक पार्टियों ने दोबारा यह मसला उठाना शुरू कर दिया। बाद में हंगामा बढ़ने पर लोकसभा की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद बहस शुरू हुई।
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