कश्‍मीर में कत्‍लेआम के बाद राजस्‍थान सीमा पर सक्रिय हुई पाक सेना

9 वर्ष पहले
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय सैनिक का सिर काटने की घटना पर मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी बर्बर घटना के बाद पड़ोसी देश के साथ पहले जैसे रिश्ते नहीं रह सकते। भारतीय पीएम ने कहा कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को इसका अहसास है।
इसी बीच पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर एलओसी पर फायरिंग हुई। मंगलवार शाम 5 बजकर 45 मिनट पर एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई। हालांकि भारत ने इस फायरिंग का विरोध नहीं किया।

भारत सरकार की ओर से प्रैस कांफ्रेंस करते हुए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने मंगलवार शाम को कहा, 'मौजूदा स्थिति में हम सरकार की ओर से बेहद सावधानी से यह कहना चाहते हैं कि हाल ही में दो भारतीय सैनिकों की बर्बर हत्या की गई। इसकी भर्त्सना सरकार ने की है और पाकिस्तान से इस अस्वीकार्य कृत्य पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि यह घटना बर्दाश्त के काबिल नहीं है। सोमवार को दोनों देशों की सेनाओं के बीच फ्लैग मीटिंग हुई और भारत ने अपना रुख साफ किया। विदेश सचिव ने इस विषय पर ही पाकिस्तान के राजदूत को तलब किया था। पाकिस्तान की सरकार की ओर से यदि जवाब नहीं आया और भारतीय आरोपों को नकारा जाता रहा तो दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं रहेंगे।' सलमान खुर्शीद ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सरकार देश को अपडेट करती रहेगी।
इससे पहले मंगलवार को भारत ने लाइन ऑफ कंट्रोल पर बढ़ते तनाव को देखते हुए पाक से आने वाले वरिष्ठ नगारिकों के लिए वीजा ऑन अराइवल की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। सरकार के सूत्रों ने कहा कि यह फैसला कई एजेंसियों के पाक नागरिकों को प्रस्तावित सुविधाओं पर स्पष्टीकरण मांगने और एलओसी पर जारी तनाव के बाद लिया गया है।
वहीं विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि वीजा ऑन अराइवल प्रक्रिया बंद नहीं की गई है बल्कि इसे कुछ समय के लिए आगे खिसकाया गया है। मंगलवार को सुषमा स्वराज ने कहा कि उन्हें पीएम का बयान सुनकर अच्छा लगा।
इससे पहले पाकिस्तानी सेना द्वारा लाइन ऑफ कंट्रोल पर एक भारतीय सैनिक का सिर काटे जाने को भारतीय जनता पार्टी के मुद्दा बनाने पर मंगलवार को सरकार ने अंधराष्ट्रवाद के प्रति आगाह किया। शहीद हेमराज के परिजनों से मिलने के बाद भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा था कि अगर पाक भारतीय सैनिक का सिर नहीं लौटाता है तो हमें दस पाक सैनिकों के सिर काट लेने चाहिए। इसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को ट्वीट किया कि पेशेवर सेनाएं समझौते के नियमों का सम्मान करती हैं। समझौते के उल्लंघन का जवाब कूटनीतिक तरीके से दिया जाता है न कि अंधराष्ट्रवाद से प्रेरित होकर।
वहीं सुषमा स्वराज, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह के साथ सोमवार को हेमराज के परिजनों से मिली थीं। इसके बाद उन्‍होंने कहा था, 'ये सिर नहीं आ सकता तो उनके दस तो ले आएं। क्या हम बिना प्रतिक्रिया के वार्ता करते रहेंगे और खेल खिलाते रहेंगे। हम एक ताकतवर सरकार की प्रतिक्रिया तो दें।' सुषमा के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस मसले पर उनसे और अरुण जेटली से बात की। मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने भी सुषमा स्‍वराज से मिल कर उन्‍हें पूरे हालात के बारे में जानकारी दी।
उधर, मंगलवार को सपा नेता रामगोपाल यादव ने भी कहा कि अब पाकिस्‍तान के साथ युद्ध ही एक मात्र विकल्‍प है। मंगलवार को उत्‍तरी कमान के प्रमुख ले.ज. केटी परनायक ने सोमवार को हुई भारत-पाकिस्‍तान के ब्रिगेडियर की फ्लैग मीटिंग का भी ब्‍यौरा दिया। उन्‍होंने जो ब्‍यौरा दिया, उससे साफ जाहिर है कि इस मीटिंग में भी पाकिस्‍तान के तेवर तल्‍ख ही थे। पाकिस्‍तान की ओर से आए ब्रिगेडियर फैजल को जो कहना था वह एक कागज पर लिख कर लाए थे। उन्‍होंने उसे पढ़ा और भारत के तमाम आरोपों को खारिज कर दिया। उन्‍होंने भारत की ओर से दिए गए सुबूतों को भी खारिज करते हुए कहा कि उन्‍हें इससे कोई मतलब नहीं। उन्‍होंने ये सुबूत भारत को वापस कर दिए। आगे पढें- ले. ज. परनायक ने और क्‍या बताया...