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संसद स्थगित, अहम विधेयक लटके

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ गया। दोनों सदनों की कार्यवाही बुधवार को निर्धारित समय से दो दिन पहले अचानक अनिश्चितकाल के स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही अनेक महत्वपूर्ण विधेयक भी अटक गए हैं। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 22 अप्रैल से शुरू हुआ था। लोकसभा अध्यक्ष ने सत्र की समाप्ति पर दिया जाने वाला सामान्य भाषण भी नहीं दिया। राज्यसभा में उन सदस्यों को विदाई दी गई जिनका कार्यकाल जल्द समाप्त होने वाला है।
क्या हुआ
-हंगामे के बीच बिना बहस के आम बजट, रेल बजट, विनियोग विधेयक, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगें पारित हो गए।
-संसद ने एक सुर में पाकिस्तान से भारतीय मामलों में दखल न देने को कहा। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु की फांसी पर निंदा प्रस्ताव पारित किया था।
इन मुद्दों पर रहा हंगामा
कोयला घोटाला, 2जी स्पेक्ट्रम मामला, रेलवे घूसकांड, सीबीआई के काम में सरकारी दखल आदि
ये दो विधेयक नहीं हो सके पारित
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक और भूमि अधिग्रहण विधेयक।
विपक्ष की मुख्य मांगें
-प्रधानमंत्री इस्तीफा दें। कानून मंत्री और रेल मंत्री को बर्खास्त किया जाए।
-2जी स्पेक्ट्रम मामले में संयुक्त संसदीय समिति का अध्यक्ष बदला जाए।
विपक्ष को मिला भ्रष्टाचार का नया मुद्दा
रेलवे बोर्ड में रिश्वत के बदले नौकरी का मामला। इसमें रेलमंत्री पवन बंसल के भतीजे विजय सिंगला तथा रेलवे बोर्ड के सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार तथा कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई।