नई दिल्ली. केबिन क्रू में कर्मचारियों की कमी से यात्रियों और कंपनी पर क्या असर पड़ सकता है, एयर इंडिया को बीते हफ्ते यह बात अच्छी तरह समझ आ गई होगी। पिछले हफते स्को से दिल्ली आ रहा एयर इंडिया ड्रीमलाइनर का विमान टेक ऑफ होने के लिए तैयार था, तभी अचानक एक मुसाफिर ने बिना सोचे-समझे दरवाजा खोल दिया। उसकी इस हरकत से न सिर्फ उसे व अन्य यात्रियों को चोट लग सकती थी, बल्कि बाहर खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंच सकता था। इतना ही नहीं, कर्ज से हाल में ही उबरी एअर इंडिया को विमान के सुधार में भारी-भरकम पैसा खर्च करना पड़ता।
मॉस्को-दिल्ली फ्लाइट में 14ए सीट पर बैठा यह यात्री टॉयलेट के लिए गया था। इस यात्री ने एयर इंडिया को दिए अपने बयान में बताया कि जब मैँ अपनी सीट पर बैठने वाला था, तो दरवाजे पर आवाज सुनाई दी। मुझे ऐसा लगा कि स्टाफ में शामिल कोई व्यक्ति गेट खटखटा रहा है। ऐसे में मैंने तुरंत गेट खोल दिया। तब मुझे इस बात का अहसास नहीं था कि ऐसा नहीं करना चाहिए था।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, 'गेट खुलते ही एक अजीब आवाज आई...। जब तक कुछ संभल पाता, बहुत देर हो चुकी थी। विमान को रोक कर इंजीनियरिंग टीम को बुलाया गया।'
कुछ यात्रियों ने बताया कि जब यह घटना घटी तो क्रू मेंबर्स टेक-ऑफ की तैयारियों में व्यस्त थे। किसी की भी नजर सही वक्त पर उस यात्री पर नहीं पड़ी। विमान को जैसे ही रनवे पर लाया गया, इस तरह गेट खोल देने की वजह से दोबारा टेकऑफ की व्यवस्था की गई। एयर इंडिया प्रबंधन ने इस बारे में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी और प्रवक्ता ने जवाब देने के लिए और वक्त मांगा।