(फाइल फोटो: एमआईजी 29 एयरक्राफ्ट के कॉकपिट में बैठे हुए नरेंद्र मोदी।)
बेंगलुरु. नरेंद्र मोदी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त कर सकते हैं, जिसने किसी जेट फाइटर में उड़ान भरी हो। इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय और फ्रांस की जेट फायटर मैन्युफैक्चर कंपनी डासेल्ट राफेल के बीच बातचीत चल रही है। डासेल्ट राफेल वही कंपनी है, जिससे लड़ाकू खरीदने के बारे में भारत की बातचीत चल रही है। यह प्रस्तावित सौदा करीब 82 हजार करोड़ रुपए का है।
18 फरवरी को बेंगलुरु में एयरो इंडिया शो होने जा रहा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। फ्रांस के विदेश मंत्री और कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी भारत यात्रा पर आ रहे हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस संभावना पर विचार किया जा रहा है कि कैसे प्रधानमंत्री जेट फाइटर में उड़ान भर सकते हैं। सूत्र ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर इस बारे में फैसला हो जाएगा। रक्षा जानकार मानते हैं कि भारत को इस फाइटर जेट सौदे को जल्दी करना चाहिए, ताकि इंडियन एयर फोर्स को ट्रेनिंग के लिए एक बेहतरीन लड़ाकू विमान मिल सके। राफेल को भारत में ही निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस और सुखोई 30एमकेआई से कड़ी चुनौती मिल रही है।
भारत सरकार इस विमान की बढ़ती कीमत और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मुद्दे पर विचार कर रही है। हालांकि, इन दोनों मुद्दों को छोड़ दिया जाए तो सरकार और वायुसेना इस विमान को लेकर उत्सुक है। इसके लिए वह अमेरिका, रूस और स्वीडन के प्रस्ताव ठुकरा चुकी है। तकनीकी रूप से 2012 में ही इस विमान को खरीदे जाने पर सहमति बन गई थी, लेकिन अब तक सौदा आखिरी दौर में नहीं पहुंच सका। इसका कारण यह है कि 2012 में इसकी कीमत काफी कम थी, जबकि अब यह काफी ज्यादा हो चुकी है और सरकार इसी को लेकर चिंतित है। हालांकि, इस बारे में फ्रांस सरकार से बातचीत लगातार जारी है।
ये पहले भर चुके हैं फाइटर जेट में उड़ान
जहां तक फाइटर जेट में उड़ान भरने की बात है तो बिजनेस टायकून रतन टाटा और बॉलीवुड स्टार
शाहिद कपूर अमेरिका के एफ -16 में उड़ान भरकर यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल सुखोई 30एमकेआई में उड़ान भर चुके हैं। 2003 में तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीज ने एमआईजी-21 में उड़ान भरी थी।