(फाइल फोटोः न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय)
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज न्यूयॉर्क सिटी में यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली यानी संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देंगे। महासभा का अधिवेशन हर साल होता है। आइए, जानें आखिर क्या है संयुक्त राष्ट्र की यह महासभा-
प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पूरी दुनिया में जन-धन की भारी हानि हुई थी। ऐसे में दुनिया एक बार फिर इस तरह से युद्ध के मुहाने पर खड़ी हो जाए, इसलिए विश्व के तमाम प्रभावशाली नेताओं ने ऐसे संगठन के अस्तित्व के बारे में सोचा, जो दुनिया को इस तरह के युद्ध और अन्य समस्याओं से बचा सके। इसी के परिणामस्वरूप 14 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र (यूनाइटेड नेशन्स) की स्थापना की गई। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली) संयुक्त राष्ट्र की 5 मुख्य संस्थाओं में से एक है। महासभा किसी भी मुद्दे पर बहस के लिए संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख मंच है। इस मंच पर दुनिया के सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र के सदस्य बहस करते हैं और उसे हल करने के लिए प्रयास करते हैं। हालांंकि, यह लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा अपने उद्देश्य में सफल हो पा रही है या फिर इसका अधिवेशन मात्र एक औपचारिकता बनकर रह गया है। संयुक्त राष्ट्र की महासभा का 69वां अधिवेशन बीते मंगलवार यानी 16 सितंबर को शुरू हो चुका है। यह अधिवेशन 1 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस बार के अधिवेशन में जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, रासायनिक पदार्थ तथा विकास से संबंधित विषय मुख्य मुद्दे हैं।
- क्या है महासभा
दुनियाभर के किसी भी मुद्दे पर बहस करने के लिए महासभा संयुक्त राष्ट्र का सबसे प्रमुख मंच है। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की इकलौती ऐसी संस्था है, जिसमें सभी सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि शामिल हाेते हैं। हर सदस्य देश का एक वोट होता है। इस महासभा में सदस्य देशों के प्रतिनिधि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, विकास, गरीबी आदि से लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ के बजट तक पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। इस विचार-विमर्श के बाद महासभा अपनी एक सिफारिश जारी कर सकती है, लेकिन किसी भी मुद्दे पर इन सिफारिशों को मानने के लिए सदस्य राष्ट्रों को बाध्य नहीं किया जा सकता। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 10 में इसकी शक्तियों और कार्यों के बारे में काफी स्प्ष्ट रूप से लिखा है। महासभा उन स्थितियों की ओर सुरक्षा परिषद का ध्यान आकृष्ट कर सकती है, जिनसे शांति एवं सुरक्षा को संकट की आशंका हो।
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