नई दिल्ली. कांग्रेस पार्टी के भीतर चले लंबे मनन चिंतन के बाद एक प्राइवेट न्यूज चैनल को
इंटरव्यू देने के लिए तैयार हुए कांग्रेस के उपाध्यक्ष
राहुल गांधी से कई मुश्किल और मौजूं सवाल पूछे गए।
इंटरव्यू के दौरान राहुल ने कुछ सवालों के
जवाब सीधे दिए, लेकिन ज्यादातर सवालों जवाब घुमा फिराकर देना उन्होंने मुनासिब समझा। लेकिन उनके इंटरव्यू का पोस्टमॉर्टम करने पर कुछ बातें सामने आती हैं। इंटरव्यू से यह पता चला कि राहुल गांधी राजनीति की तकरीबन हर समस्या की वजह सिस्टम को ही मानते हैं। यह शब्द उन्हें इतना प्रिय है कि पूरे इंटरव्यू के दौरान उन्होंने 73 बार सिस्टम शब्द का प्रयोग किया। राहुल गांधी मोदी, भ्रष्टाचार से जुड़े कई सवालों के सटीक जवाब न देकर सिस्टम का हवाला दे दिया। लेकिन राहुल गांधी इंटरव्यू के दौरान ठोस तरीके से एक बार भी नहीं बता पाए कि वे सभी बुराइयों की जड़ यानी सिस्टम को किस तरह से बदलेंगे।
इंटरव्यू से यह भी पता चला कि राहुल गांधी नहीं चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उनका बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार
नरेंद्र मोदी से सीधे तौर पर कोई मुकाबला हो। वहीं, राहुल गांधी देश की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से परेशान हैं और वे सिस्टम को बदलना चाहते हैं। यही नहीं, वे अपनी पार्टी के नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के लिए भी सिस्टम को ही जिम्मेदार मानते हैं।