नई दिल्ली. कांग्रेस के रणनीतिकारों ने बहुत सोच समझकर
राहुल गांधी की इमेज चमकाने के लिए
इंटरव्यू की योजना तैयार की थी। लेकिन इंटरव्यू के प्रसारण के 48 घंटों के भीतर ही
राहुल गांधी की छवि मजबूत होने की बजाय कांग्रेस के उपाध्यक्ष तीन मुद्दों को लेकर घिरते दिखने लगे हैं।
कांग्रेस के रणनीतिकारों ने यह सोचा था कि राहुल गांधी का पहला
औपचारिक टीवी इंटरव्यू ऐसे पत्रकार के साथ होना चाहिए जिसकी छवि मुश्किल सवाल पूछने वाले पत्रकार के तौर पर स्थापित हो। अंग्रेजी अखबार 'द टेलीग्राफ' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक प्रियंका गांधी ने इंटरव्यू से पहले टीवी पत्रकार अर्णब गोस्वामी के साथ मुलाकात की थी, जिन्होंने राहुल का इंटरव्यू लिया। अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि प्रियंका और टीवी पत्रकार गोस्वामी ने एक अनौपचारिक मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने चाय और पकौड़ों का आनंद लिया और राहुल गांधी के इंटरव्यू की बात तय हो गई। इसके बाद 25 जनवरी को नई दिल्ली के जवाहर भवन में राजीव गांधी फाउंडेशन के दफ्तर में वह इंटरव्यू रिकॉर्ड किया गया था और 27 जनवरी को उसका प्रसारण किया गया था।
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