नई दिल्ली. राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए नामांकन दाखिल करने वाले सभी उम्मीदवारों में सबसे अमीर बीजेपी की ओर से प्रत्याशी रविंद्र किशोर सिन्हा हैं। उनकी और उनकी पत्नी की कुल संपत्ति करीब 800 करोड़ बताई गई है। सिन्हा के नाम दर्ज संपत्ति की कीमत 564 करोड़ रुपये जबकि उनकी पत्नी के पास 230 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति है। सेक्योरिटी एंड इंटेलीजेंस सर्विस (सिस) नाम की सेक्योरिटी एजेंसी के मालिक सिन्हा ने जेडीयू की ओर से राज्यसभा सांसद का चुनाव लड़ चुके महेंद्र प्रसाद को धन के मामले में पीछे छोड़ दिया है। प्रसाद के पास करीब 683 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई गई थी। स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा पहुंच चुके
विजय माल्या (615 करोड़ की संपत्ति) और समाजवादी पार्टी से राज्यसभा पहुंची गुजरे जमाने की सिने स्टार जया बच्चन (493 करोड़ की संपत्ति) के पास भी रविंद्र किशोर सिन्हा जितना धन नहीं है।
सिन्हा और उनकी पत्नी की संपत्ति का ब्योरा
संपत्ति सिन्हा उनकी पत्नी
शेयर और बांड- 525.20 करोड़ 221.80 करोड़
नगदी 11.8 लाख 3.35 लाख
बैंक में जमा 29.02 करोड़ 4.9 करोड़
राष्ट्रीय बचतपत्र 3.5 लाख 5.03 लाख
वाहन 7.04 लाख 9.03 लाख
लोन और एडवांस 9.22 करोड़ 3.करोड़
कुल संपत्ति 563.97 करोड़ 230.20 करोड़
दोनों की कुल संपत्ति 794.17 करोड़
रविंद्र किशोर सिन्हा और उनकी पत्नी की कुल संपत्ति के आंकड़े सिन्हा के राज्यसभा नामांकन दाखिल करने के दौरान दिए गए एफीडेफिट से लिए गए हैं।
कौन हैं रविंद्र किशोर
62 साल के रविंद्र किशोर सिन्हा आरएसएस से जुड़े रहे हैं और बीजेपी से राज्यसभा के नामांकन के लिए लगातार कोशिशें कर रह थे। 1971 पटना के एक दैनिक अखबार में ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाले सिन्हा को बांग्लादेश वॉर कवर करने का मौका मिला था। सिन्हा ने 1974 में पत्रकारिता छोड़ दी। बांग्लादेश युद्ध को 'कवर' करने के दौरान उनकी मुलाकात कुछ फौजियों से हुई थी जिन्होने उन्हें सिक्यूरिटी एंड इंटेलीजेस सर्विस (सिस) बनाने की सलाह दी थी। रविंद्र किशोर सिन्हा ने महज 250 रुपये से अपना कारोबार शुरू किया था और देखते ही देखते उनकी कंपनी सैकड़ों करोड़ का कारोबार करने लगी। सेक्योरिटी फर्म के कारोबार में क्या हैसियत है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2008 में 'सिस' ने ऑस्ट्रेलियन सेक्योरिटी एजेंसी क्यूब को टेकओवर किया।
रविंद्र और सीपी का जीतना तय
बीजेपी ने रविंद्र और सीपी ठाकुर को बिहार से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। वोटों के गणित के हिसाब से इन दोनों का चुना जाना लगभग तय है। 243 सदस्यों वाली विहार विधानसभा में बीजेपी के 91 सदस्य है और उसे जीत के लिए महज 82 वोट की जरूरत होगी ऐसे में सिन्हा और ठाकुर का राज्यसभा पहुंचना तय है। राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग 7 फरवरी को होगी।