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संघ का सर्वे : मोदी के नेतृत्व के बाद भी बहुमत से बहुत दूर रहेगी भाजपा

9 वर्ष पहले
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंदरूनी सर्वे का आकलन है कि अगले लोकसभा चुनाव में अगर भाजपा नरेंद्र मोदी को नेता प्रोजेक्ट करती है तो 180 सीटें जीत सकती है लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करती है तो उसे 30 सीटों का नुकसान हो सकता है। हालांकि इस आकलन पर संघ और भाजपा नेताओं की मैराथन मंत्रणा में यह भी कहा गया है कि मोदी के नेतृत्व में 180 को सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा 272 में बदलने से अधिक आसान है मोदी के बिना 150 सीटों को सहयोगियों की मदद से बहुमत में बदलना। आरएसएस के इस अंदरूनी सर्वे पर पिछले दिनों भाजपा और संघ नेताओं की दिल्ली की मैराथन बैठक में चर्चा हुई।
सूत्रों का कहना है कि करीब पांच घंटे की इस बैठक में 40 मिनट से अधिक चर्चा संघ के सर्वे पर हुई। संघ ने यह सर्वे देश भर में डेढ़ दर्जन निजी ऐसी एजेंसियों के जरिए कराया है जिसमें किसी न किसी रूप से स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं।
सर्वे में कहा गया है कि मोदी को प्रोजेक्ट करने से सबसे अधिक फायदा मध्य प्रदेश (24 सीट), गुजरात (23 सीट) और राजस्थान (22) में होगा। हालांकि उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में मोदी को प्रोजेक्ट करने से भाजपा की सीट 10 से बढ़ कर 18 होने की बात ही की गई है।
सूत्रों के मुताबिक चर्चा के दौरान संघ के आकलन से भाजपा के किसी भी नेता ने असहमति नहीं जताई लेकिन मोदी के साथ 180 के आंकड़े में बहुमत के लिए जरूरी और लगभग 100 सांसदों के जुगाड़ यानी सहयोगी दलों को जुटाने की दिक्कत गिनाई। साथ ही यह तर्क भी दिया गया कि मोदी को प्रोजेक्ट किए बिना यदि सर्वे के मुताबिक भाजपा 150 सीट जीतती है तो बहुमत के लिए जरूरी बाकी लगभग 120-25 सांसदों के लिए सहयोगियों को जुटाना अपेक्षाकृत आसान है। विशेषकर नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, जयललिता और नवीन पटनायक की सियासी मजबूरियों और जरूरतों का भी जिक्र किया गया।
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