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जन्मदिन आजः एक साल चली लव-स्टोरी, फिर हो गई थी संजय-मेनका की शादी

7 वर्ष पहले
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(फाइल फोटोः मेनका और संजय गांधी)
नेशनल डेस्क. संजय गांधी भारतीय राजनीति के बेहद लोकप्रिय नेता रहे हैं। 1974 के आसपास अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले संजय की लोकप्रियता 1977-78 के दौर में चरम पर थी। कांग्रेस में इंदिरा गांधी के बाद लोग उन्हें ही पार्टी का चेहरा मानते थे, क्योंकि राजीव गांधी की राजनीति में कोई रुचि नहीं थी। लेकिन उनकी असमय मृत्यु ने देश और भारतीय राजनीति को जबरदस्त झटका दिया था।

आज संजय गांधी का 68वां जन्मदिन है। उनका जन्म 14 दिसम्बर 1946 को हुआ था। वहीं 23 जून, 1980 को एक विमान हादसे में उनकी मौत हो गई थी। संजय को रफ्तार बेहद पसंद थी। वो कार को भी प्लेन की स्पीड में चलाते थे।
पहली नजर में पसंद आ गई थीं मेनका

- संजय गांधी को मॉडल रहीं मेनका पहली नजर में ही पसंद आ गई थीं।
- महज 17 साल की उम्र में मेनका को पहला मॉडलिंग ब्रेक मिला। बॉम्बे डाइंग के एक विज्ञापन के लिए उन्होंने शूटिंग की थी।
- इसी विज्ञापन में मेनका को देखते ही संजय गांधी उन्हें दिल दे बैठे थे।
- कहा जाता है कि संजय गांधी और मेनका के कजिन वीनू कपूर दोस्त थे। वीनू की शादी की पार्टी में ही संजय और मेनका की पहली मुलाकात 1973 में हुई थी।
- मेनका की मां को ये रिश्ता पसंद नहीं था, लिहाजा उन्हें (मेनका) उनकी दादी के घर भेज दिया गया।
- जुलाई, 1974 में मेनका वापस घर लौटीं और एक महीने बाद संजय से उनकी सगाई हुई।
देश के पावर कपल थे संजय-मेनका

- सिर्फ एक साल में ही संजय और मेनका की लव स्टोरी शादी में बदल गई।
- सिख परिवार में जन्मीं महज 18 साल की मेनका (26 अगस्त, 1956) से संजय ने 23 सितंबर, 1974 में शादी रचा ली।
- शादी के वक्त संजय मेनका से उम्र में 10 साल बड़े थे। खबरों के अनुसार, संजय से शादी के बाद मेनका के बॉम्बे डाइंग के विज्ञापन के अंश मिटा दिए गए।
- उस दौर के राजनीतिक इतिहासकारों के अनुसार, उस समय देश की राजनीति में संजय और मेनका पावर कपल बनकर उभरे थे।
- शादी के बाद मेनका अक्सर संजय के साथ दौरों पर जाती थीं। संजय और कांग्रेस पार्टी को मजबूती देने के लिए मेनका ने एक मासिक पत्रिका सूर्या का प्रकाशन भी शुरू किया था।

पिता की मौत के वक्त तीन महीने के थे वरुण गांधी

संजय गांधी प्लेन उड़ाने के शौकीन थे और यही उनकी मौत का कारण भी बना। दिल्ली में विमान हादसे में सिर में आई चोटों के कारण उनकी मौत हो गई थी। कहा जाता है कि संजय की मौत की खबर कई घंटों बाद मेनका को दी गई। घटना के वक्त वरुण गांधी (संजय-मेनका गांधी के बेटे) मात्र 3 महीने के थे। संजय की मौत के बाद इंदिरा और मेनका में विवाद हुआ और 1981 में मेनका हमेशा के लिए वो घर और संपत्ति छोड़कर चली गईं।
सोनिया-मेनका में नहीं होती बात
गांधी परिवार की कड़वाहट जगजाहिर है। आज भी सोनिया और मेनका गांधी कभी एक-दूसरे से बात नहीं करतीं। एक ही परिवार के होने के बावजूद भी राहुल-प्रियंका और वरुण गांधी भी कभी साथ नहीं देखे गए। एक प्रकार से संजय गांधी की मौत के बाद से ही गांधी परिवार बिखर गया था। संजय और मेनका की शादीशुदा जिंदगी करीब 6 साल चली। इस दौरान दोनों को कई मौकों पर साथ देखा गया।

आगे की स्लाइड्स में देखिए संजय गांधी, मेनका और परिवार के साथ कुछ तस्वीरें...