जोरहट. असम के जोरहट के पास स्थित एक गांव में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा मृत तेंदुए को जलाती हुई सनसनीखेज तस्वीरें सामने आई हैं। इस तेंदुए ने गांव में बीते कई दिनों से आतंक मचा रखा था और गांव के चार लोगों को बुरी तरह घायल कर दिया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। इससे नाराज गांववालों ने इस तेंदुए को घेरकर मार डाला था। बाद में वन विभाग के अधिकारियों ने कानून के मुताबिक, इस तेंदुए के शरीर को जला दिया।
इन तस्वीरों में 3 साल की यह मादा तेंदुआ जलती हुई लड़कियों पर लेटी हुई दिख रही है। उसका झुलसा हुआ शरीर भी दिखाई दे रहा है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 1 हजार से ज्यादा गांववालों ने तेंदुए को मारने का अभियान चला रखा था। विभाग ने तेंदुए को मारने पर 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट (आईडब्ल्यूपीए) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आईडब्ल्यूपीए के तहत भारत में तेंदुओं का शिकार करना या हमला करना अपराध है और ऐसा करने वाले व्यक्ति को 3 साल की कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
इसी तरह का एक मामला पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सामने आया था, जहां गांववालों ने एक तेंदुए को पीट-पीटकर मार डाला था। यह तेंदुआ भटककर गांव के खेत में आ गया था। असम में ही पिछले महीने एक तेंदुए की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह तेंदुआ जंगल से राज्य के नागौन जिले के जाखलबांधा गांव के एक घर में घुस आया था।
ध्यान रहे कि भारत में तेंदुए शिकारों के निशाने पर भी रहते हैं। तेंदुए की खालों की बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है। आम लोगों द्वारा भी तेंदुए को मारने की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। इससे तेंदुओं की संख्या बहुत निचले स्तर पर पहुंच गई है।
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