नई दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें गुप्त मतदान के बाद कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया। कांग्रेस आला नेतृत्व की सलाह पर विधायकों की गुप्त मतदान के जरिए राय ली गई। इसमें करीब 85 से 88 विधायक सिद्धरमैया के पक्ष में थे। सिद्धरमैया के नेता चुने जाने की घोषणा रक्षा मंत्री एके एंटनी ने की। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से चार नेताओं को विधायक दल के नेता का चुनाव की निगरानी करने के लिए भेजा गया था। इनमें एंटनी के अलावा, जितेंद्र सिंह, लुइजेन्हो फ्लेरियो व कांग्रेस के प्रभारी महासचिव मधुसूदन मिस्त्री शामिल थे। राहुल गांधी के उपाध्यक्ष बनने के बाद कर्नाटक में लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री चुनने की अनूठी पहल हुई। हालांकि इसके पहले एक बार राजस्थान में भी ऐसे ही प्रयोग के जरिए मुख्यमंत्री चुना गया था।
बैठक में सिद्धरमैया ने एक लाइन का प्रस्ताव पेश किया कि मुख्यमंत्री पद के संबंध में फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया जाए जबकि पर्यवेक्षकों ने विधायकों से अपनी पसंद गुप्त मतदान के जरिए बताने को कहा। 64 वर्षीय सिद्धरमैया पिछली विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता थे। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सिद्धरमैया के अलावा केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खडग़े भी शामिल थे। दोनों के बीच मुख्य मुकाबला था। लेकिन ज्यादा विधायकों का समर्थन पाकर सिद्धरमैया ने बाजी मार ली। मल्लिकार्जुन खडग़े का कद केंद्र में बढ़ाया जा सकता है।