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सिंधुश्री का सीएजी बनना तकरीबन तय

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. राष्ट्रमंडल खेल 2010 के आयोजन के दौरान चर्चित कांग्रेसी नेता सुरेश कलमाडी की कथित सहयोगी रहीं अधिकारी सिंधुश्री खुल्लर का देश का अगला नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) बनना लगभग तय हो गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अगले सप्ताह उनकी नियुक्ति से संबंधित फाइल को क्लियर कर सकते हैं। वर्तमान सीएजी विनोद राय का कार्यकाल 22 मई 2013 को पूरा हो रहा है। यदि वह इस पद पर आती हैं तो उन्हें देश की पहली महिला सीएजी होने का गौरव भी प्राप्त होगा।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की 1975 बैच में यूटी कैडर की अधिकारी खुल्लर इस समय दो साल के सेवा विस्तार पर योजना आयोग में सचिव हैं। सरकार के अति महत्वाकांक्षी कार्यक्रम डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की मॉनिटरिंग की भी उनकी जिम्मेदारी है। जब देश में राष्ट्रमंडल खेल के आयोजन की तैयारी हो रही थी तब वह खेल मंत्रालय में सचिव थीं और भ्रष्टाचार के छींटे उनके ऊपर भी पड़े थे। राष्ट्रमंडल खेल के आयोजन में हुई धांधली की जांच के लिए गठित शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट में तो उनका नाम आया ही था, सीएजी की रिपोर्ट में भी उनका नाम था। यही नहीं, बहुचर्चित 2जी घोटाले में भी उनका नाम गाहे-बगाहे उठा है और बीते वर्ष उन्हें 2जी घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय कमेटी (जेपीसी) ने तलब भी किया था। जब 2जी के स्पेक्ट्रम का आवंटन हुआ था तब खुल्लर वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अप्रैल 2007 से नवंबर 2008) थीं। 2जी जेपीसी की एक बैठक से तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरदास दासगुप्ता ने यह कहते हुए वाकआउट कर दिया था कि खुल्लर से जब जिरह की जा रही थी तो कांग्रेसी सदस्य शशि थरूर उनका बचाव कर रहे थे।
हालांकि अभी खुल्लर की नियुक्ति की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है पर सत्ता के गलियारे में इस खबर पर प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि अब संप्रग सरकार इस स्थिति में है नहीं कि वह विनोद राय जैसे बेबाक सीएजी को पचा सके। यह भी कहा जा रहा है कि इस नियुक्ति से भले ही संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी या सरकार के लिए स्थिति सहज हो जाए पर सीएजी जैसे स्वायत्त संस्था का कद छोटा होगा।