नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल अपने धरने और उनकी सरकार के मंत्री सोमनाथ भारती कानून को अपने हाथ में लेने की वजह से
आलोचना झेल रहे हैं। लेकिन भले ही केजरीवाल ने अपने धरने का मकसद दिल्ली पुलिस को अपने मातहत लाए जाने की कोशिश बताया था, लेकिन सभी जानते हैं कि धरने की बुनियाद में भी सोमनाथ भारती ही थे। इस समय
सोमनाथ भारती आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े 'सिरदर्द' साबित हो रहे हैं। सोमनाथ भारती ने दिल्ली के खिड़की एक्सटेंशन इलाके में पुलिस के कामकाज में दखल देने की कोशिश की, जिसे कैमरे पर दुनिया ने देखा। इस मामले में
सोमनाथ की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
महिला आयोग के अल्टीमेटम के बावजूद भारती शुक्रवार को
महिला आयोग के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने अपने वकील को भेजा। इसके बाद एक अलग ही विवाद खड़ा हो गया। महिला आयोग ने भारती के वकील पर ही
बदसलूकी का आरोप लगा दिया।
सोमनाथ भारती का कानून में दखल देने का
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वे कानून तोड़ने के लिए भी आलोचना के घेरे में रहे हैं। मीडिया में सामने आईं रिपोर्ट में कहा गया है कि सोमनाथ भारती वकील बनने से पहले स्पैम मेल का काम करते थे। वहीं वकील के तौर पर बैंक के फ्रॉड के केस में कोर्ट ने उन्हें सुबूतों के साथ छेड़छाड़ करने पर फटकार लगाई थी।
दुनिया के टॉप 200 स्पैम मेल करने वालों में एक रहे हैं भारती!
सोमनाथ भारती की पहचान आम आदमी पार्टी के नेता के अलावा एक वकील की रही है। लेकिन भारती के बारे में एक सनसनीखेज बात सामने आई है कि वकालत करने से पहले भारती स्पैम मेल का बदनाम धंधा भी करते थे। स्पैमिंग पर नजर रखने वाली वेबसाइट स्पैमहॉज.ऑआरजी ने 2005 में स्पैम करने वालों की एक लिस्ट जारी की थी। उस लिस्ट में भारती के अलावा दो अन्य भारतीय भी शामिल थे। 2005 में ही रोकसो (रजिस्टर ऑफ नोन स्पैमिंग ऑपरेशंस) की लिस्ट में 200 स्पैम करने वालों को शामिल किया गया था जो दुनिया भर में भेजे जाने वाले 80 फीसदी स्पैम के लिए जिम्मेदार थे। इस लिस्ट में भारती को स्पैम करने वाले के तौर पर शामिल किया गया था। भारती के बारे में कहा गया था कि वे टॉपसाइट्स एलएलसी के लिए काम करते थे। यही नहीं, भारती पर स्पैमिंग के मामले में कैलिफोर्निया की एक अदालत में केस भी चला था। भारती ने कोर्ट के बाहर समझौता कर 5 हजार अमेरिकी डॉलर चुकाकर उस मुकदमे का निपटारा करवाया था। बताया जाता है कि उन दिनों भारती दिल्ली से एक आईटी कंपनी मेजेन सॉल्यूशंस (Madgen Solutions) चलाते थे। लेकिन यह साफ नहीं है कि वह कंपनी क्या काम करती थी।
सुबूत के साथ छेड़छाड़ पर कोर्ट ने लगाई थी फटकार
स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में हुए फर्जीवाड़े के एक मामले में सोमनाथ भारती और उनके मुवक्किल पवन कुमार की सीबीआई कोर्ट ने अगस्त, 2013 में खिंचाई की थी। फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीबीआई ने सोमनाथ और पवन पर गवाह को फोन कर और उनसे पूरे केस की चर्चा कर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। पवन कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। लेकिन भारती ने जज पर ही सवाल खड़े कर दिए। भारती ने कहा कि इस केस में यह कहना कि सुबूतों से छेड़छाड़ की गई है, गलत है। भारती ने गवाह से बात करने को 'सुबूत को मजबूत' करना बताया। कानून मंत्री ने जज की ही टिप्पणी पर सवाल खड़े कर दिए। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सोमनाथ भारती का पक्ष लेते हुए जज की टिप्पणी को गलत बताया।
'आप' से लोगों के मोहभंग का कारण बने सोमनाथ!
दिल्ली में बीते एक पखवारे से हुई घटनाओं की वजह से
आम आदमी पार्टी से कई लोगों का मोहभंग हो गया है। इन घटनाओं के केंद्र में दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती रहे हैं। भारती पर नस्लवाद, कानून को अपने हाथ में लेते हुए सड़क पर ही इंसाफ करने की कोशिश के आरोप हैं। यही नहीं, जब अरुण जेटली जैसे राजनीतिक विरोधी और हरीश साल्वे जैसे नामी वकील ने उनकी आलोचना की तो भारती ने शालीनता की सीमाएं तोड़ते हुए उनके ही खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर डाली। इस बात के लिए आम आदमी पार्टी भी भारती से नाराज है।