नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री
शशि थरूर की पत्नी
सुनंदा पुष्कर की मौत की गुत्थी सुलझती हुई नहीं दिख रही है। पुलिस सुनंदा की मौत का कारण 'जानबूझकर जहर लेने' के बजाय 'स्लो पॉयजनिंग' को मान रही है। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि
सुनंदा की मौत अचानक किसी जहर के कारण नहीं बल्कि क्रमिक तौर पर धीरे-धीरे लिए गए जहर से हुई है। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनंदा ने मौत से पहले के आखिरी दो दिनों में चालीस लोगों से फोन पर बात की थी, जिनमें थरूर से कथित अफेयर रखने वाली पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार भी शामिल है। 52 वर्षीय पुष्कर 17 जनवरी को दक्षिणी दिल्ली के होटल लीला में मृत पाई गई थीं।
क्या
सुनंदा को जहर दिया गया था? इस सवाल के जवाब में एक पुलिस अधिकारी ने
गोपनीयता की शर्त पर अंग्रेजी अखबार को बताया, 'उनके चेहरे पर जो खरोंच के निशान मिले थे वे इस बात के संकेत नहीं देते। साथ ही उनके शरीर पर इंजेक्शन सिरिंज बंप के कोई निशान नहीं मिले हैं। लिहाजा उन्हें जहर दिए जाने की बात को नहीं माना जा सकता।'
पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि किसी थर्ड पार्टी द्वारा हत्या की आशंका को भी नहीं स्वीकार किया जा सकता क्योंकि सुनंदा का कमरा 'अव्यवस्थित' नहीं था।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि '
स्लो पॉयजिन' को मौत का कारण माना जा सकता है लेकिन उसके लिए विसरा रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। जिसमें यह पता चल सकेगा कि आखिर किस तरह के
जहर के कारण मौत हुई है।
मंगलवार को एसडीएम ने पुलिस को कहा था कि वह सुनंदा की मौत के कारणों की जांच आत्महत्या और हत्या, दोनों को आधार बनाकर करे। सुनंदा के बेटे शिव मेनन ने कहा कि उनकी मां इतनी कमजोर नहीं थी कि वह आत्म हत्या कर लेती, न ही उन्हें यह विश्वास है कि थरूर उन्हें किसी तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं। शिव ने कहा कि उनकी मां की मौत कई दवाओं के गलत मिश्रण, मीडिया स्ट्रेस, और तनाव जैसे कई फेक्टरों के मिलने से दुर्भाग्यवश हुई है।
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