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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: जांच के नाम पर महीनों तक सलाखों के पीछे रखा जाना उचित नहीं

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जांच के नाम पर महीनों या सालों तक किसी व्यक्ति को सलाखों के पीछे रखना उचित नहीं है। प्रजातांत्रिक देश में ऐसा करना ठीक नहीं हैं। अवैध खनन के मामले में महीनों से जेल में बंद कर्नाटक के पूर्व मंत्री गली जनार्दन रेड्डी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की हैं। जांच का हवाला देते हुए देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई रेड्डी की जमानत याचिका का विरोध कर रही है। रेड्डी 27 महीनों से जेल में बंद हैं।
न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने जांच में हो रही देरी पर सीबीआई को फटकारते हुए कहा, 'आखिरकार आप जांच के नाम पर किसी व्यक्ति को कितने दिन जेल के भीतर रखेंगे। प्रजातंत्र में यह ठीक नहीं हैं। आखिरकार उस व्यक् तिका भी कोई अधिकार हैं। देश की सर्वोच्च अदालत ऐसी इजाजत नहीं दे सकती कि ट्रायल के नाम पर आप लोगों को अनिश्चितकाल के लिए सलाखों के पीछे रखें।' हालांकि पीठ ने फिलहाल रेड्डी को जमानत देने से इनकार किया है। शीर्ष अदालत ने सीबीआई को जांच में काम जल्द पूरा करने का निर्देश देते हुए 28 मार्च तक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।