बहरमपुर। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं की कथित प्रताड़ना की वजह से एक स्कूल टीचर ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने दबंगों की एक पंचायत बुलाई थी, जिसमें टीचर को टीएमसी के एक नेता से प्रेम संबंधों का दोषी ठहराया गया और उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। शिक्षक के परिवारवालों ने उसे बेकसूर बताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
टीएमसी का आरोपों से इनकार
तृणमूल के स्थानीय विधायक सुब्रत साहा ने कहा, "मेरे इलाके में पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता या नेता सालिशी (पंचायत) में शामिल नहीं था।" गौरतलब है कि जिस टीएमसी नेता से दिलीप का संबंध होने का आरोप लगाया जा रहा है, वह पहले कांग्रेस पार्टी से पंचायत प्रधान थीं। बाद में वह अपने पति के साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं।
'दिलीप पर लगाया था एक लाख का जुर्माना'
उधर, टीचर के बड़े भाई सुकुमार ने कहा कि दिलीप निर्दोष था और उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे। सुकुमार ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा था कि दिलीप का उसकी पत्नी के साथ
अवैध संबंध है। इसके बाद पंचायत बुलाई गई और दिलीप पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। टीएमसी नेता के पति ने 50 हजार रुपए खुद अपने पास रखने और बाकी की रकम पार्टी के अन्य लोगों के बीच बांटने का फैसला किया था। इस फैसले के बाद मेरे भाई ने रविवार रात करीब दो बजे कीटनाशक पी ली। कुछ ही घंटे बाद उसकी मौत हो गई।"
नेता के मां ने भी कहा- हुई पंचायत
दिलीप के गांव के पंचायत सदस्य और सीपीएम नेता अरुण दास ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस नेता के घर पंचायत बुलाई गई थी और मुझे भी इसमें शामिल होने को कहा गया था।" उधर, टीएमसी नेता की मां ने भी कहा कि उनके घर पर पंचायत बुलाई गई थी। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि इस दौरान टीचर पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था या नहीं।"
पुलिस ने कार्रवाई करने की बात कही
जिलाधिकारी हुमायूं कबीर ने कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि पंचायत ने दिलीप पर जुर्माना लगाया था। उन्होंने कहा, "जैसे ही हमें पीड़ित परिवार की तरफ से शिकायत मिलेगी, हम मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेंगे।"