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आतंकी पुराने, महज नाम बदल लिया

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी गुजरात दंगों के पहले से सक्रिय थे। इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक सरगना आमिर रजा खान जैश-ए-मुहम्मद, हरकत उल जेहादी यानी हूजी और लश्कर-ए-तैयबा आदि के साथ मिलकर भारत में आतंकी वारदात कराता रहा है। पाकिस्तान और दुबई में बैठ कर भारत में बम धमाके कराने वाले आमिर की दिल्ली पुलिस को भी तलाश है। आमिर कोलकाता में मुफीद उल इस्लाम लेन का निवासी है। आईएसआई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी से बचने के लिए भारतीयों का इस्तेमाल करना शुरू किया और गिरोह का नाम इंडियन मुजाहिदीन रखा। महाबोधि मंदिर और हैदराबाद में बम धमाकों में भी इंडियन मुजाहिदीन का नाम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार इंडियन मुजाहिदीन के निशाने पर असम और मुंबई है। असम में हुए दंगों का बदला लेने के लिए आईएम वहां बम धमाके करना चाहता है। आमिर रजा ने पहले रजा कमांडो फोर्स बनाई थी और फिर इंडियन मुजाहिदीन बनाया।
दिल्ली पुलिस ने 1995 में बनारस के आफताब अंसारी को पकड़ा था। आफताब की तिहाड़ जेल में बंद आमिर के भाई आसिफ से मुलाकात हुई। आसिफ हिजबुल मुजाहिदीन में था। जेल में बंद मौलाना मसूद अजहर, उमर शेख और मुश्ताक अहमद जरगर से भी ये दोनों मिले थे। दिसंबर 1999 में अजहर, जरगर और उमर को सरकार ने हवाई जहाज हाईजैक मामले में कंधार में छोड़ दिया। 1999 में आफताब और आसिफ भी जेल से बाहर आ गए थे। इसके बाद आमिर, आसिफ और आफताब ने कोलकाता और गुजरात में अपहरण की वारदात कर करोड़ों रुपए कमाए। आफताब और आसिफ फरवरी 2001 में पाकिस्तान गए थे। वहां वे जैश-ए-मुहम्मद के मौलाना मसूद, जरगर, हूजी के उमर शेख, लश्कर के आजम चीमा और पिलखुआ के अब्दुल करीम टुंडा से मिले थे। आफताब और आसिफ ने 11 फरवरी 2001 को पाकिस्तान से आगरा में मौजूद हूजी के पाकिस्तानी आतंकवादी अरशद खान को एक ईमेल किया, जिसमें बताया कि ‘कल मुहम्मद फारूक और फजलू रहमान से मीटिंग है। असलहे का मसला इंशाअल्लाह हल हो जाएगा। दुआ करें।’ दिल्ली पुलिस ने यह ईमेल कोर्ट में पेश की थी।
अक्टूबर 2001 में आसिफ को पाकिस्तानी आतंकवादी के साथ दिल्ली पुलिस के तत्कालीन एसीपी रविशंकर की टीम ने पकड़ा था। इनसे पता चला कि आमिर ने सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली के अपहरण और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की हत्या की साजिश भी रची थी। आमिर और आफताब का मानना था कि सौरभ के अपहरण के बाद भावुक बंगाली दंगा कर देंगे। अपहरण से सरकार पर दबाव बना कर वह दिल्ली में 1996-97 में सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में जेल में बंद कामरान आदि आतंकवादियों को रिहा करा लेंगे। एपीजे अब्दुल कलाम ने मिसाइल और परमाणु बम बनाया था। इसलिए ये कलाम की हत्या करना चाहते थे।
आमिर दुबई भाग गया
उस समय मुंबई में रहने वाला आमिर नवंबर 2001 में दुबई भाग गया था। दिसंबर 2001 में गुजरात पुलिस अपहरण के एक मामले में उसके भाई आसिफ को गुजरात ले गई। वहां कथित एनकाउंटर में आसिफ मारा गया। इसके बाद आमिर और आफताब ने 22 जनवरी 2002 में कोलकाता में अमेरिकन सेंटर पर हमला करा दिया । इस हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकवादियों लश्कर के जाहिद और सलीम को तत्कालीन एसीपी रविशंकर की टीम ने 29 जनवरी 2002 में हजारीबाग में मार गिराया। इसके बाद 6 पाकिस्तानी समेत 13 आतंकवादी पकड़े गए। ये आतंकवादी सूरत, कोलकाता, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से पकड़े गए। इससे पता चलता है कि आईएम का नेटवर्क उस समय से पूरे देश में है। सीबीआई आफताब को दुबई से ले आई। आफताब को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। आईएम ने 2005 के बाद कई शहरों में बम विस्फोट किए। दिल्ली में 13 सितंबर 2008 में सिलसिलेवार धमाकों के लिए जिम्मेदार इंडियन मुजाहिदीन का उत्तरी भारत का सरगना आतिफ 19 सितंबर 2008 को बटला हाउस में एनकाउंटर में मारा गया। आईएम के दक्षिण के तत्कालीन सरगना रियाज भटकल और उसके भाई इकबाल के पाकिस्तान भाग जाने के बाद अहमद सिद्दी बप्पा जरार उर्फ यासीन भटकल उर्फ शाहरुख को इसका सरगना बनाया गया। शाहरुख पर 15 लाख का इनाम है।
कैसे हटेगा चेहरे से नकाब
इंडियन मुजाहिदीन पर कांग्रेस महासचिव शकील अहमद के ट्वीट पर इन दिनों हंगामा मचा हुआ है। लेकिन जिस इंडियन मुजाहिदीन को लेकर इतना हो-हल्ला हो रहा है, सरकार के पास उसके चिन्हित 31 आतंकियों में एक-तिहाई आतंकियों की फोटो तक नहीं है। उनके नाम और पैतृक पतों के अलावा उनसे संबंधित कोई सूचना सरकार के पास नहीं है। हालांकि केंद्र सभी राज्य सरकारों के साथ उनकी सूचनाएं साझा कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल उत्तर प्रदेश के 8 आतंकियों में सात की फोटो सरकार के पास है। जबकि एक शरीफुद्दीन उर्फ दीदार निवासी आजमगढ़ की तस्वीर सरकार के पास नहीं है। उत्तर प्रदेश के इन इंडियन मुजाहिदीन में एक समानता यह है कि सरकारी रिकार्ड के मुताबिक ये सभी आजमगढ़ जिले के हैं। महाराष्ट्र के तीन और गुजरात के दो मुजाहिदीन आतंकी सरकार की मोस्ट वांटेड सूची में हैं। इन सभी की तस्वीर सरकार के पास है। झारखंड के दो चिन्हित मुजाहिदीन आतंकी दानिश निवासी रांची और मंजर इमामुद्दीन खान उर्फ जमील निवासी रांची की फोटो सरकार के पास नहीं हैं। कर्नाटक के चिन्हित 10 मुजाहिदीन आतंकियों में 4 की फोटो सरकार के पास नहीं है। इसमें आजम निवासी बेलगाम, जासिम निवासी भटकल, समीर सलीम खान निवासी देवनगर और वसीम निवासी भटकल शामिल हैं। हालांकि इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापकों में शामिल और इस नेटवर्क के सबसे बड़े आतंकी भटकल बंधु रियाज भटकल और इकबाल भटकल की तस्वीर सरकार के पास है। देश में होने वाले सभी धमाकों के पीछे उनका हाथ बताया जाता रहा है। हालांकि पुलिस या सुरक्षा एजेंसियां अभी तक उन्हें पकड़ नहीं पाई हैं। कई बार ये हाथ आते-आते बचे हैं। सरकार ने केरल में भी इंडियन मुजाहिदीन के 6 आतंकियों की पहचान की है।