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प.बंगालः शारदा चिटफंड घोटाले में ममता के मंत्री मदन मित्रा गिरफ्तार

7 वर्ष पहले
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(फोटोः गुरुवार सुबह सीबीआई दफ्तर में पूछताछ के लिए जाते मदन मित्रा)
कोलकाता. करोड़ों रुपए के शारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई द्वारा प.बंगाल के परिवहन मंत्री मदन मित्रा की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खासी नाराज हैं। ममता ने बीजेपी पर सत्ता का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और चुनौती देते हुए कहा , ''अगर कल मैं किसी केंद्रीय मंत्री को बंगाल में गिरफ्तार कर लूं तो वे क्या करेंगे।'' बता दें मित्रा को सीबीआई ने शुक्रवार को 5 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मित्रा ममता के नजदीकी लोगों में गिने जाते हैं। इससे पहले तृणमूल के दो सांसद शारदा घोटाले में गिरफ्तार हो चुके हैं।
मैं जाऊंगी मित्रा से मिलने, हिम्मत है तो गिरफ्तार करो-ममता
मित्रा की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता ने सीबीआई और बीजेपी को आड़े हाथ लिया। ममता ने कहा, ''बीजेपी इस देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को तोड़ रही है। वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुली है।'' उन्होंने सवाल पूछा, ''कौन है सीबीआई? उसका क्षेत्र कहां तक है? ऐसे कई केसेज है जिस पर वह चुपचाप बैठी हुई है। यह गिरफ्तारी गैरकानूनी, असंवैधानिक और पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। वे उन पर कानून लागू करें जो उसे पसंद नहीं करते, उन पर नहीं जो पसंद करते हैं।'' ममता यहीं नहीं रुकीं। ''अगर कल मैं किसी केंद्रीय मंत्री को बंगाल में गिरफ्तार कर लूं, तो वे क्या करेंगे?'' ममता ने कहा, ''मैं एसएसकेएम हॉस्पिटल में भर्ती मदन मित्रा से मिलने जाउंगी। नरेंद्र मोदी और अमित शाह मुझे गिरफ्तार कर दिखाएं।''
मित्रा को सीबीआई ने शुक्रवार को दूसरी बार समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया था। मित्रा सुबह 11 बजे सीबीआई के सीजीओ कॉम्पलेक्स स्थित दफ्तर पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और शारदा ग्रुप से फायदा लेने के आरोप हैं। सीबीआई सूत्रों ने बताया है कि मित्रा पूछताछ के दौरान यह नहीं बता सके कि उन्होंने शारदा ग्रुप के फंड का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में क्यों किया। सूत्र के मुताबिक, मित्रा ने सीबीआई को अपने ग्रुप से संबंधों के बारे में भी कुछ नहीं कहा। इधर, गिरफ्तारी के बाद सीने में दर्द की शिकायत करने पर मेडिकल टीम ने मित्रा की जांच की है। जिसके बाद उन्हें एसएसकेएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
पहले बुलाया तो सेहत का बहाना किया
सीबीआई ने 18 नवंबर को मित्रा को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन तब वे खराब सेहत का हवाला देकर नहीं आए थे। मित्रा 20 नवंबर को राज्य सरकार के एसएसकेएम हॉस्पिटल में भर्ती हो गए थे, जहां से वे 26 नवंबर को डिस्चार्ज हुए। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें दोबारा समन देकर बुलाया था। बता दें कि मदन मित्रा शारदा ग्रुप के कई आयोजनों में बतौर गेस्ट शामिल होते रहे हैं। हाल ही में सीबीआई ने मित्रा के पूर्व सहयोगी बापी करीम को गिरफ्तार किया था।
घेरे में आने वाले ममता के दूसरे मंत्री
मित्रा राज्य की ममता बनर्जी सरकार के दूसरे ऐसे मंत्री हैं, जिन्हें शारदा चिटफंड घोटाले में कथित कनेक्शन के कारण सीबीआई ने घेरा है। इससे पहले कपड़ा मंत्री श्यामपद मुखर्जी से भी पूछताछ हो चुकी है। तृणमूल कांग्रेस के दो सांसद घोटाले में कनेक्शन के चलते पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बीती 21 नवंबर को राज्यसभा सांसद सृंजय घोष को गिरफ्तार किया गया था, जबकि कुणाल घोष पहले से जेल में हैं।
अमित शाह ने लगाए थे आरोप
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ दिनों पहले कोलकाता में एक बड़ी रैली को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने सीधे-सीधे ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर आरोप लगाए थे। इसके जवाब में तृणमूल के सांसदों ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 'लाल डायरी' दिखाकर आरोप लगाया था कि सहारा के दफ्तर में मिली इस डायरी में अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखे हुए हैं। इससे पहले राज्यसभा सांसद सृंजय घोष की गिरफ्तारी से भड़कीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कांग्रेस द्वारा नेहरू की 125वीं जयंती पर आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जिसका बदला केंद्र सरकार उनसे ले रही है और उनके सांसदों को बेवजह शारदा घोटाले में फंसाया जा रहा है।
शाह ने कहा था- ममता कहें, उनके सांसद घोटाले में आरोपी नहीं हैं?
शाह ने रैली में वर्दवान बम विस्फोट और शारदा चिटफंड घोटाले को लेकर ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था, "वर्दवान बम विस्फोट मामले से तृणमूल के कई नेताओं के तार जुड़े हैं। धमाके के आरोपियों को पैसे किसने दिए? जांच के खुलासे से आपको आश्चर्य होगा, क्योंकि शारदा चिटफंड घोटाले के पैसे का इस्तेमाल धमाके में हुआ। ममता कहें कि उनके सांसद घोटाले के आरोपी नहीं है।" ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए शाह ने यहां तक एलान कर दिया था कि 2016 में 'भाग ममता भाग' होगा, क्योंकि मोदी का विजय रथ 18 महीने में यहां आएगा और ममता सरकार को उखाड़ फेंकेगा।"
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