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सीटों पर महाभारत: झुकने को तैयार नहीं शिवसेना, बीजेपी को दिया \'आखिरी फॉर्म्‍युला\'

7 वर्ष पहले
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फोटो: बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह
मुंबई: महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच चल रहा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को बीजेपी के सामने आखिरी फॉर्मूला' रखते हुए कहा कि वह अपने इस 25 साल पुराने सहयोगी को 119, जबक‍ि अन्‍य क्षेत्रीय दलों को 18 सीट देने के लिए तैयार हैं। ठाकरे ने कहा कि शिवसेना 151 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उधर, उद्धव ठाकरे के बयान को महाराष्ट्र बीजेपी ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि गठबंधन में कोई प्रस्ताव आखिरी नहीं होता। बीजेपी ने कहा, शिवसेना के इस प्रस्‍ताव में कुछ भी नया नहीं है। उधर, इस समस्‍या से निपटने के लिए बीजेपी ने नई दिल्‍ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुलाई। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में महाराष्‍ट्र बीजेपी के नेतृत्‍व ने पीएम मोदी और अमित शाह के सामने सुझाव रखा कि सम्‍मानजक सीटें न मिलने पर अकेले चुनाव लड़ा जाए।
पीएम को गुजरात दंगों के बारे में याद दिलाया
ठाकरे ने कहा कि यह उनके अस्तित्‍व की जंग है। हालांकि, उद्धव ने सीएम पद को लेकर कोई बयान नहीं दिया। दरअसल, सीएम उम्‍मीदवार किस पार्टी का होगा, इस मुद्दे पर भी दोनों पार्टियों की तरफ से पिछले कुछ दिन से बयानबाजी चल रही है। ठाकरे ने अपने समर्थकों से कहा, ''मैं आखिरी फॉर्मूला दे रहा हूं। शिवसेना 151, सहयोगियों को 18 और बीजेपी को 119 सीटें।'' उद्धव ने अपने समर्थकों से मराठी में कहा कि गठबंधन शक्‍ति हासिल करने नहीं, बल्‍क‍ि हिंदुत्‍व के मुद्दे पर बना है। शिवसेना प्रमुख ने बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी को यह भी याद दिलाया कि वह किस तरह 2002 दंगों के बाद भी गठबंधन के साथ खड़े थे। ठाकरे ने कहा कि अगर 25 साल पुराना गठबंधन टूटता है तो यह दुखद होगा।
कोई फॉर्मूला आखिरी नहीं: बीजेपी
महाराष्‍ट्र बीजेपी के नेता विनोद तावड़े ने कहा, ''बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन काफी पुराना है और इसे आगे ले जाना चाहिए। अगर गठबंधन को बरकरार रखना है तो कोई भी फॉर्मूला आखिरी नहीं होता। सीटों का बंटवारा ऐसा होना चाहिए कि कांग्रेस की हार हो। वे सीटें, जो शिवसेना ने बीते 25 साल में कभी नहीं जीतीं, उनका आवंटन दोबारा से होना चाहिए। शिवसेना ने कोई नया प्रस्ताव नहीं दिया है, 119 सीटों पर तो पहले से ही हम लड़ते आ रहे हैं।'' तावड़े ने शिवसेना प्रमुख के मीडिया में दिए बयान पर कहा कि इस तरह के मामले आमने-सामने बैठकर हल होने चाहिए।
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