दिल्ली. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की कुर्सी छिन गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि 66 वर्षीय बहुगुणा शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इस बीच हरीश रावत को उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर अटकलों का बाजार गरम है। लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। अपनी छवि बनाने कांग्रेस हरसंभव कोशिश कर रही है।
खबर ये भी है कि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए कांग्रेस की एक केंद्रीय टीम 1 फरवरी को देहरादून पहुंचेगी। इसमें गुलाम नबी आजाद, अंबिका
सोनी और जनार्दन द्विवेदी का नाम शामिल है। पार्टी हाईकमान का मानना है कि बहुगुणा राज्य में कुशल नेतृत्व देने में नाकाम रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक विजय बहुगुणा खुद नए मुख्यमंत्री का नाम प्रस्तावित करेंगे, जिस पर विधायक दल मुहर लगा देगा। इस दौरान कांग्रेस की केंद्रीय टीम के सदस्य भी मौजूद होंगे। अभी तक मुख्यमंत्री की रेस में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश रावत और राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रीतम सिंह आगे चल रहे हैं।
उत्तराखंड की 70 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के खाते में 32 सीटें आईं थी, जो भाजपा से कुछ ही अंतर से आगे था। तब ज्यादातर विधायकों का रूझान 66 वर्षीय हरीश रावत को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर था, लेकिन कांग्रेस ने टिहरी से सांसद बहुगुणा को मौका दिया था। राज्य की कांग्रेस सरकार को तीन बसपा विधायक और उत्तराखंड क्रांति दल के एकमात्र विधायक का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायकों ने भी कांग्रेस को समर्थन देने का प्रस्ताव दिया है।