आज वोटर्स डे है।
चुनाव आयोग देश में वोटर्स की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आयोग की मानें तो अगर युवा वोटिंग लिस्ट में नाम दर्ज कराकर
चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय हो जाए तो देश में चुनावी तस्वीर पूरी तरह से बदल सकती है। इसका नजारा साल 2013 में हुए पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव में सामने आ चुका है, जिसमें वोटों का प्रतिशत पिछले चुनावों की तुलना में काफी ज्यादा थी। विशेषज्ञों की मानें तो इसके पीछे की वजह युवा वोटर्स का मतदान प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना था। ऐसे में
विधानसभा चुनावों की सफलता के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में युवा वोटर्स काफी अहम भूमिका निभाएंगे। सोशल साइट्स पर भी
युवा राजनीति में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
एक सर्वे के मुताबिक देश में इस बार लगभग 15 करोड़ युवा (18-23 साल) पहली बार वोट देंगे। ये ऐसे युवा हैं जिन्हें राष्ट्रीय मुद्दों के बारे में पता है, लेकिन इन्हें जाति, धर्म या खास पार्टी से सरोकार नहीं है। वहीं,
इस चुनाव में महिलाओं की भी काफी अहम भूमिका होगी। इस बार कुल 34 करोड़ महिलाएं (कुल वोटर्स में से 49 प्रतिशत) मतदान करेंगी। ऐसे में कई पार्टियां इन्हें रिझाने का प्रयास करेंगी।