(फाइल फोटोः मंगलवार को सफेद बाघ विजय ने युवक को हमला कर मार दिया था।)
नेशनल डेस्क. 20 साल के युवक को दिल्ली के चिड़ियाघर में मारने वाले सफेद बाघ विजय को मंगलवार भारत सहित दुनिया भर में देखा गया। जिसने भी वीडियो और तस्वीरें देखीं, खुद को कांपने से न रोक सका। दरअसल, एक अरसे बाद दिल्ली जैसी जगह पर ऐसा मामला सामने आया है। चिड़ियाघर अधिकारियों के मुताबिक, विजय का व्यवहार पहली बार हिंसक देखने मिला है। अभी तक वह काफी शांत बाघ माना जाता था।
गर्मियों में ग्लूकोज और ठंड में 12 किलो मीट
विजय की रोजाना खुराक ही 10 किलो भैंस का मीट है। चिड़ियाघर के अधिकारियों के मुताबिक, मीट के अलावा उसे ग्लूकोज (गर्मियों में) भी दिया जाता है। ठंड के दिनों में मीट की खुराक बढ़ाकर 12 किलो रोजाना कर दी जाती है। हर तीन महीने में विजय का मेडिकल चेकअप भी होता है। विजय का वजन 200 किलो है।
बाड़े में दो और बाघ भी विजय के साथ-
लक्ष्मण और यमुना नाम के बाघ-बाघिन की संतान विजय का जन्म 2007 में हुआ था। विजय फिलहाल चिड़ियाघर के जिस बाड़े में रह रहा है, वहां दो सफेद बाघ और हैं। इन तीनों को रोजाना चार घंटे के लिए बाड़े में खुला छोड़ा जाता है।
6 साल पहले शेर के बाड़े में कूदा था इंसान, पर सुरक्षित रहा-
ये तो हुई विजय की बात, लेकिन जो हादसा मंगलवार को दिल्ली के चिड़ियाघर में घटित हुआ, वह पहली बार भी नहीं था। दरअसल, 6 साल पहले ऐसे ही एक आदमी गलती से शेर के बाड़े में कूद गया था, लेकिन इत्तेफाक से शेर ने उसकी जिंदगी बख्श दी। चिड़ियाघर अधिकारियों का कहना है शेर ने अपने बाड़े में इस व्यक्ति को देखने के बाद भी हमला नहीं किया था। बल्कि खुद ही एक बार पास जाने के बाद दूर गया था। वहीं अफसरों ने बताया कि उस वक्त वह आदमी इस कदर डर गया था कि वह पेड़ पर चढ़ गया था। दूसरी ओर, बाघ के इंसान पर ऐसे हमले बीते 8 सालों में 5 बार हो चुके हैं।
आइए जाने पहले कब-कब और कहां हुए ऐसे हादसे