(फोटोः शेल्टर होम में बोलतीं हेमा मालिनी)
मथुरा. बॉलीवुड अभिनेत्री से बीजेपी सांसद बनीं हेमा मालिनी ने पहली बार अपने बयान के चलते विवादों में हैं। उन्होंने कहा है कि 'बिहार और बंगाल की विधवाओं को अपने-अपने राज्यों में ही रहना चाहिए और वृंदावन आकर भीड़ नहीं लगानी चाहिए।' हेमा ने यह भी कहा कि 'वृंदावन में रहने वाली विधवाओं के पास बैंक बैलेंस, अच्छी आय और अन्य सुविधाएं हैं, लेकिन भीख मांगने की उन्हें आदत पड़ चुकी है।' हेमा के इस बयान की चौरतफा निंदा हो रही है। वहीं मथुरा के स्थानीय बीजेपी नेताओं ने हेमा के बयान पर सहमति जताई है।
मथुरा लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने यह विवादित बयान सोमवार को तब दिया, जब वह मथुरा संसदीय क्षेत्र के दौरे पर थी। वृंदावन भी मथुरा का ही हिस्सा है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के वृंदावन को पवित्र शहरों में शुमार किया जाता है और वहां हज़ारों की तादाद में विधवाएं बसी हुई हैं।
शहर में जगह नहीं है...
वृंदावन के एक कार्यक्रम में बोलते हुए हेमा ने कहा था, 'वृंदावन में 40,000 विधवाएं हैं, मुझे लगता है शहर में और जगह नहीं है। एक बड़ी तादाद बंगाल से आ रही है, यह सही नहीं है। वे बंगाल में ही क्यों नहीं रुकी रहतीं...? वहां भी अच्छे मंदिर हैं... यही बात बिहार पर भी लागू होती है।' बुरी हालत में मौजूद एक शेल्टर होम का दौरा करने के बाद हेमा मालिनी ने कहा कि वह इस बारे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री
ममता बनर्जी से बात करेंगी।