जयपुर। थार रेगिस्तान में एक बार फिर तीन तेल भंडारों की खोज की गई है। केयर्न इंडिया ने अपने तेल खोज अभियान के तहत इस खोज की बुधवार को घोषणा की।
इन नए भंडारों के साथ अब इस ब्लॉक में तेल भंडारों की कुल संख्या 36 तक पहुंच गई है। संभावनाओं वाले ब्लॉक में इस प्रकार की खोज में जुटी विशेषज्ञों की टीम की क्षमता फिर एक बार सिद्ध हुई है। इस घोषणा के साथ ही केयर्न इंडिया के अंतरिम सीईओ सुधीर माथुर ने शेयर धारकों के लिए डिविडेंड की घोषणा भी की।
इस प्रकार पता चला तेल प्रवाह का
1. भू वैज्ञानिक संरचना बाड़मेर हिल में स्थित कुएं डीपी-1 की खुदाई के दौरान 70 मीटर तेल युक्त स्तर का पता चला है। जांच के दौरान यहां से 120 बैरल तेल प्रतिदिन की दर से तेल प्रवाह प्राप्त हुआ है।
डीपी संरचना मंगला तेल क्षेत्र से छह किलोमीटर उत्तर पश्चिम में 21 वर्ग किलोमीटर के घेरे में फैली है। मंगला तेल भंडारों से इसकी नज़दीकी के कारण यह एक उल्लेखनीय खोज है। इस खोज का आंकलन तेजी से करने और व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने की योजना तैयार की गई है।
2. दूसरी खोज सरस्वती एसडब्ल्यू-1 कुएं में की गई है। यह मेसोजोइक काल के सैंड अंतराल के रूप में मौजूद है। इसमें जांच के दौरान 248 बैरल तेल प्रतिदिन की दर से तेल का प्रवाह पाया गया।
3. तीसरी खोज धारावी डूंगर भू वैज्ञानिक फार्मेशन में ऐश्वर्या-46 के रूप में की गई। बाड़मेर ब्लॉक की इस 36वीं खोज से जांच के दौरान 182 बैरल तेल प्रतिदिन का प्रवाह पाया गया।