पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 3 Got Life Imprisonment In Sikh Riot Case

सिख विरोधी दंगे में 3 लोगों को उम्रकैद, दो को सुनाई 3-3 साल की सजा

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नई दिल्ली. 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दिल्ली की एक कोर्ट ने वीरवार को पांच दोषियों में से तीन को उम्रकैद की सजा सुना दी। बाकी दो को तीन-तीन साल की सजा दी गई है। इस मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी किया जा चुका है। जिला और सेशंस कोर्ट ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को सजा उम्र कैद की सजा सुनाई।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगों के दौरान इन्हें पांच सिखों की हत्या का दोषी पाया गया है। दो अन्य दोषियों पूर्व पार्षद महेंद्र यादव और किशन खोक्कर को तीन-तीन साल की कैद की सजा दी गई है। दोनों को दंगे करने का दोषी पाया गया है। इन दोनों को कोर्ट ने जमानत दे दी है। जज जेआर आर्यन ने पांचों दोषियों पर पर एक-एक हजार का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने 30 अप्रैल को सज्जन को बरी कर दिया था। इस फैसले का सिख समुदाय विरोध कर रहा है। एक प्रमुख गवाह जगदीश कौर के बयान में सज्जन कुमार का नाम न आने के आधार पर कोर्ट ने उन्हें संदेह का लाभ दिया था।

सीबीआई ने मांगी थी मौत की सजा : कोर्ट में सजा को लेकर जिरह में सीबीआई ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को मौत की सजा देने की वकालत की। जांच एजेंसी के वकील आरएस चीमा ने कहा कि वे सुनियोजित सांप्रदायिक दंगों में शामिल थे। दंगों का शिकार हुए लोग पूरी तरह निर्दोष थे। उन्होंने किसी को उकसाया नहीं था। यह सिखों के सफाए की साजिश थी। इसके बाद उस इलाके में कोई सिख लौटकर नहीं गया।

ये था मामला
दिल्ली केंटोनमेंट के राजनगर इलाके में एक परिवार के पांच सदस्यों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की भीड़ ने हत्या कर दी थी। इसी मामले में पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।