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खालसा कॉलेज में पेश हुआ नाटक शिखर दुपहरे रात

7 वर्ष पहले
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खालसा काॅलेज में सामाजिक सुरक्षा एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर थियटर परसन्स की तरफ से पंजाबी नाटक शिखर दुपहरे रात का मंचन किया गया।

अमृतसर | खालसाकाॅलेज में सामाजिक सुरक्षा एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर थियटर परसन्स की तरफ से पंजाबी नाटक शिखर दुपहरे रात का मंचन किया गया। रंगकर्मी तथा फिल्म आर्टिस्ट हरदीप गिल तथा अनिता देवगन दंपती के निर्देशन में पेश यह नाटक नशे पर आधारित है। नाटक में गिल देवगन के अलावा मनजोत उप्पल, राजबीर सिंह चीमा, राजन कपूर, युद्ध प्रीत चीमा ने किरदार निभाया है, जबकि संगीत दिया है विजय कोटी ने।

देवगन ने बताया कि यह नाटक नशे के प्रति जागरूकता लाने के लिए सालों से मंचित किया जा रहा है। इस मौके पर कालेज के प्रिंसिपल महल सिंह, प्रो. भूपिंदर सिंह जौली, प्रो. एचबी सिंह, प्रो. सुखबीर सिंह के अलावा आयोजक विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

नाटक से बापू की सोच पर पहरेदारी

मंच रंगमंच ने पंजाब नाटशाला में जारी थिएटर फेस्ट में दी पेशकारी

भास्करन्यूज | अमृतसर

महात्मागांधी के कहे शब्दों - पाप से घृणा करो पापी से नहीं के ही संदर्भ से मेल खाता है पंजाबी नाटक तस्वीरां, जिसे पंजाब नाटशाला में शनिवार को मंचित किया गया रविवार को भी पेशकारी होगी। मंच रंगमंच की तरफ से चल रहे इस फेस्टिवल के इस नाटक को तैयार किया है स्वराजबीर ने और केवल धालीवाल ने इसे निर्देशित किया है।

तीनपीढ़ियों की दास्तान है नाटक : नाटकका तानाबाना तीन महिलाओं के इर्दगिर्द बुना गया है। तीनों ही पेशे से डॉक्टर हैं, मगर उम्र में तीन पीढिय़ां। दादी की उम्र की महिला शाही नहीं की होती है। जबकि मां की उम्र वाली की शादी हुई होती है और उसके एक बेटी भी होती है। उसका पति फोटोग्राफर होता है और फोटोग्राफर भी ऐसा कि जिसका कोई सानी नहीं, मगर उसमें लत है शराब की। यही लत दोनों को अलग कर देती है। कहानी आगे बढ़ती है, बेटी जवान होती है और उसकी शादी इंजीनियर से होनी तय होती है। खैर, बेटी बाप के बारे में जानती है और मां को समझाती है कि उसका बाप बुरा था, मगर उसकी कला नहीं। बेटी एक दिन वह बगावत करके कैमरा खरीदती है।

साथ-साथचलते हैं कई मुद्दे : केवलधालीवाल कहते हैं कि नाटक में तस्वीरें पीछा करती रहती हैं। इसमें हमने तीन पीढ़ियों की सोच के आपसी द्वंद्व को दिखाने की कोशिश की है। वह कहते हैं कि पूरे नाटक में म