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धोखाधड़ी में फंसे एनआरआई ने केस रद्द करवाने के लिए करवाया बाबा हरचंद पर पर्चा

7 वर्ष पहले
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रिश्तेदारोंके झगड़े को खत्म करने के लिए आगे एनआरआई थाने में तैनात बाबा हरचंद सिंह को उल्टा ही पैसे लेने के आरोप में फंसा दिया है। बाबा हरचंद को शनिवार को अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड लिया गया। जिन लोगों ने बाबा हरचंद पर केस करवाया, उन पर पहले ही धोखाधड़ी का केस दर्ज है।

अदालत में पेशी दौरान बाबा हरचंद ने बताया कि इंग्लैंड में उनके ताए के बेटे रोमी के ससुराल परिवार से संबंधित सुखमीत कौर जो इस समय इंगलैंड में है ने अपने पिता सुखविंदर सिंह और बहन हरमीत कौर के साथ मिलकर कोट खालसा निवासी हरजीत पाल से 22 लाख रुपए ले लिए। यह पैसे हरजीत के पूरे परिवार को विदेश ले जाने के लिए गए थे। लेकिन सुखमीत कौर ने उन्हें तो विदेश ले जाया और ही पैसे वापस किए। इस संबंधी शिकायत होने पर एडीसीपी अमरीक सिंह पवार ने जांच कर 17 अक्टूबर 2013 में सुखमीत कौर, उसके पिता सुखविंदर और बहन हरमीत कौर पर केस दर्ज किया।

इसी दौरान उनके ताए के बेटे रोमी का फोन आया, कि वह दोनों परिवारों का समझौता करवा दें। ने रोमी ने ही अपने पास से दो लाख रुपए भी भेजे। जो लेकर वह हरजीत पाल के पास गए। लेकिन उन्होंने मना कर दिया कि उनका नुकसान 22 लाख का है। वह इतने कम पैसों में समझौता नहीं करेगे। बात बनती देख उन्होंने अपने ताए के बेटे को पैसे वापस कर दिए। दो दिन पहले ही सुखमीत की एक बजुर्ग पारिवारिक सदस्य अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल हुई है। वह इंसानियत के तौर पर उनका हाल पूछने चले गए और साथ में उनके लिए रोटी ले गए। बस उसी रोटी वाले लिफाफे को ही पैसे बताकर उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। बड़ी बात यह है कि जिन लोगों के खिलाफ स्वयं धोखाधड़ी का केस दर्ज है, वही उनके खिलाफ केस दर्ज करवा रहे है। वहीं बाबा हरचंद के हक में आए हरपाल जीत ने कहा कि यह सारी कार्रवाई केस को रद्द करवाने के लिए की जा रही है। सुखमीत और उसके परिवार के खिलाफ केस दर्ज है। वह इससे बचने के लिए बाबा हरचंद को फंसा रहे है।