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- हेल्थ| 24 जून को सीएम ने शुरू की थी यह सुविधा, 11 सितंबर तक आईं सिर्फ 23,832 कॉल्स
हेल्थ| 24 जून को सीएम ने शुरू की थी यह सुविधा, 11 सितंबर तक आईं सिर्फ 23,832 कॉल्स
\\\"दिन में एक-दो शिकायतें इस नंबर पर जाती हैं। लोग दी जा रही सुविधाओं और डॉक्टरों से ट्रीटमेंट की एडवाइस लेने में दिलचस्पी नहीं ले रहे। जल्द ही अस्पताल में डायल 104 के बोर्ड डिस्पले करवा जाएंगे। डॉ.हरदीप सिंह घई, एसएमओसिविल अस्पताल
खुद कॉल करता है स्टाफ
प्रोजेक्टमैनेजर सुनील गांधी ने बताया कि 11 सितंबर तक 2513 लोगों ने मेडिकल एडवाइस ली, 3873 लोगों ने हेल्थ स्कीम्स और 36 लोगों ने संबंधित बीमारियों के ट्रीटमेंट बारे काउंसलिंग की। अभी तक 304 शिकायतें ही मिली हैं। इसके अलावा 1133 गर्भवती महिलाओं को कॉल की गई है। इसमें उन्हें डेट ऑफ डिलीवरी और पास पड़ते सरकारी अस्पताल के बारे बताया गया।
भास्कर न्यूज| अमृतसर
पंजाबसरकार की ओर से लोगों को बेहतर सेहत सुविधाएं देने के लिए शुरू की गई डायल 104 मेडिकल हेल्पलाइन के बारे में लोग अभी तक अवेयर नहीं हैं। 24 जून 2014 को इस सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल ने पहली कॉल करके की, लेकिन इस सेवा का सही ढंग से प्रचार होने के कारण ज्यादातर लोग इस सुविधा का लाभ ही नहीं उठा पा रहे। 11 सितंबर की शाम तक 23,838 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया।
विभागब्रांडिंग में रहा फेल
सिविलअस्पताल में इलाज करवाने आए लोगों से जब इस सेवा के बारे पूछा तो 90 प्रतिशत लोग इससे अंजान थे। उनका कहना था कि सरकार ने 108 एम्बुलेंस सेवा के बारे में काफी प्रचार किया, लेकिन 104 मेडिकल हेल्पलाइन के बारे में कभी किसी ने कोई जानकारी ही नहीं दी। इतना ही नहीं सरकारी अस्पतालों में जहां 108 एम्बुलेंस सेवा के बारे में बोर्ड लगाए गए हैं, वहां 104 सेहत सुविधा के बारे में कोई जानकारी डिस्पले ही नहीं की गई।
हेल्पलाइनका फायदा
104मेडिकल हेल्पलाइन सेवा के तहत राज्य का कोई भी नागरिक कहीं से भी इस नंबर पर फोन कर माहिर डाक्टरों की ओर से मुफ्त मेडिकल सहायता बारे विचार-विमर्श या जानकारी ले सकता है। इसके अलावा सरकार द्वारा दी जा रही हेल्थ स्कीम्स का भी पता किया जा सकता है। अगर किसी सरकारी अस्पताल में मरीज का सही इलाज नहीं हो रहा, उसकी शिकायत भी इस नंबर पर की जा सकती है।
लोगोंको जागरूक करें
पेशेसे इलेक्ट्रिशियन पंजाब सिंह कहते हैं कि हेल्पलाइन नंबर तो सही है पर फिर भी सेहत विभाग को आसपास के गांवों में जाकर इस सेवा के बारे में जागरूक करना चाहिए। गांवों से काफी संख्