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फोटो खिंचवाने के चक्कर में बाॅर्डर पर किया तिरंगे का अपमान
अटारीबार्डर पर शाम को होने वाली रिट्रीट सेरेमनी के दौरान यहां आने वाले टूरिस्ट फोटो खिंचवाने के चक्कर में अक्सर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर जाते हैं। ऐसी ही गलती दिल्ली से आई महिला टूरिस्टों ने बुधवार को कर डाली और मामला तूल पकड़ गया। इसकी शिकायत पुलिस तथा बीएसएफ के अाला अफसरों को भी कर दी गई है।
डीजीपीसे की शिकायत
जेसीपीअटारी पर रिट्रीट के वक्त दिल्ली से आई कुछ महिलाओं ने अपने साथ लाए बड़ी साइज के तिरंगे को शरीर पर दुपट्टे की तरह से लपेट कर फोटो खिंचवाए थे। इस दौरान ध्वज घुटनों के पास तक चला गया था। इसकी फोटो सहित शिकायत आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट पीसी शर्मा ने पंजाब पुलिस के डायरेक्टर जनरल, डीआईजी बार्डर रेंज तथा बीएसएफ के अधिकारियों को भी कर दी है।
उत्साहसे भर जाते हैं
बीएसएफकी तरफ से होने वाली इस रिट्रीट सेरेमनी में रोजाना 30 से 35 हजार लोग पहुंचते हैं। यह जवानों की परेड को देख कर उत्साहित होते हैं। इनके इस उत्साह को बढ़ाने के लिए बीएसएफ की तरफ से ध्वज पकड़ाया जाता है। यही नहीं बल्कि लोग बाहर से प्लास्टिक के झंडे लेकर भी भावना का इजहार करते हैं, कई तो चेहरे पर इसके स्टिकर तक लगाते हैं।
डिस्प्लेहोगी जानकारी
बीएसएफके डीआईजी (जी) आरपीएस जसवाल का कहना है शिकायत उनके पास पहुंच गई है। वह इस बाबत आईजी पंजाब फ्रंटियर अशोक कुमार तथा अमृतसर सेक्टर के डीआईजी एमएफ फारुकी के साथ बैठक करेंगे। उनका कहना है कि अटारी बार्डर पर होने वाली रिट्रीट के दौरान लोग देश भक्ति की भावना से ही ध्वज फहराते हैं। उनका कहना है कि हालांकि यह जानबूझ कर नहीं किया गया है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए वहां तैनात जवान लोगों को जानकारी देंगे तथा इस बाबत नियम और कानून को भी डिस्प्ले किया जाएगा।
आम तौर पर रिट्रीट सेरेमनी देखने आने वाले उत्साहित लोगों में तिरंगे के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रहती है। इसी बीच जाने-अंजाने में उन्हें राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का ध्यान नहीं रहता और वे यह गलती कर बैठते हैं।
6 महीने से लेकर 2 साल तक की कैद
राष्ट्रीयध्वज सिर्फ शहीद होने वाले जवान के जिस्म पर ओढ़ाया जाता है। इसे दूसरा कोई व्यक्ति पहरावे या फैशन के रूप में शरीर पर नहीं ले सकता। इसे कमर की नीचे के हिस्से से नहीं स्पर्श होना चाहिए। ऐसा करने की स्थिति में प्रिवेंशन ऑफ इनसल्ट्स टू नेशन आन