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सीबीआई को सौंपी जाए जांच

7 वर्ष पहले
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13 अक्टूबर को स्टेटस रिपोर्ट सौंपेगी सरकार

भास्करन्यूज | अमृतसर

पंजाबएवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश जारी किए हैं कि वर्ष 2012 को वेरका में 9 वर्षीय बालक गुरकीरत सिंह (गोरा) की हत्या के मामले में सीबीआई इंक्वायरी करवाने पर विचार करे और केस की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर तक इस संबंधी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दे। चूंकि पुलिस दो सालों में गुरकीरत के कातिलों तक पहुंचने में नाकाम रही, इसीलिए कोर्ट ने इसे सीरियस लिया और सरकार को फटकार लगाई है।

बता दें कि गोरा को 7 नवंबर 2012 को उसके वेरका स्थित घर से अगवा कर लिया गया था। इसे लेकर पुलिस ने 8 नवंबर को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। 16 नवंबर को गुरकीरत सिंह के घर से मात्र 100 गज की दूरी से उसकी लाश बरामद कर ली गई थी। फिर पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में ले लिया और केस हल होने का दावा कर दिया। यहां तक कि प्रैस कांफ्रेंस कर हत्यारों का नाम बताने की तैयारी कर ली गई, लेकिन अंतिम समय में इसे टाल दिया गया।

पार्षदोंने दिया था धरना

इसीकेस में हरपाल सिंह, जसवंत सिंह और जगवंत सिंह को हिरासत में भी ले लिया गया था, किंतु पुलिस ने मौजूदा सरकार में एक प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री के दबाव में आकर उन्हें रिहा कर दिया। इसके लिए भाजपा के तीन पार्षदों ने भी पुलिस के खिलाफ धरना लगाया था। लेकिन पुलिस गुरकीरत के कातिलों को पकड़ने में नाकाम रही। केस की सीबीआई मांग को लेकर मार्च 2013 में गुरकीरत के पिता अंग्रेज सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी।

मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट सर्बजीत सिंह वेरका ने बताया कि केस की सुनवाई के दौरान पुलिस ने माना था कि उन्होंने पकड़े गए तीन आरोपियों का पॉलीग्राफ टैस्ट करवाया था, लेकिन उन्हें इसमें कोई सफलता नहीं मिली। फिर पुलिस ने कोर्ट को जवाब दिया कि एक संदिग्ध जगवंत सिंह का नार्को टेस्ट करवाना चाह रही है, लेकिन कोर्ट ने सरकार को आदेश जारी कर दिए हैं कि उक्त मामले की सीबीआई जांच पर विचार कर स्टेटस रिपोर्ट पेश करे। यदि केस की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है।