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सरकार ने रवैया बदला तो होगी डाॅक्टरों की कमी : डाॅ. गिल
> साउथ में हैं अधिक मेडिकल काॅलेज
भास्करन्यूज | अमृतसर
सरकारने यदि अपना रवैया बदला तो देश में आने वाले कुछ सालों में डाॅक्टरों की भारी कमी हो जाएगी। जमीन महंगी होने के कारण पंजाब में मेडिकल काॅलेज खोलना आसान नहीं है।
वहीं साउथ भारत में अधिकांश मेडिकल काॅलेजों में नेताओं की हिस्सेदारी है। यहां पर जो काॅलेज प्राइवेट चल रहे हैं, उनके प्रति भी सरकार का रवैया ठीक नहीं है। वहीं पंजाब सरकार ने प्री मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट लेना भी बंद कर दिया है। यह कहना है कि हाल ही में पंजाब से मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया के चुने गए सदस्य डा. गुरमेज सिंह गिल का।
डा. गिल ने कहा कि युवा पीढ़ी डाक्टर नहीं बनना चाह रही है, क्योंकि अच्छा डाॅक्टर बनने में 12 से 13 साल का समय लग जाता है। पोस्ट ग्रेजुएशन की सीटों को बढ़ाने पर सरकार को विचार करना होगा, क्योंकि आज सुपर स्पेशीलिटी का जमाना है। उन्होंने सरकार पर कार्पोरेट सेक्टर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।