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सर्दियों में हाथ-पैरों में आए सोजिश तो डाॅक्टर से करें कंसल्ट

6 वर्ष पहले
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सर्दियों में बढ़ जाती है चिलबलेन के मरीजों की संख्या, ठंड से सिंकुड़ जाती है नािड़यां

हेल्थ

चिलबलेन बीमारी होने पर हाथ-पैर की अंगुलियों में खािरश होती है

भास्करन्यूज | अमृतसर

सर्दियों में अगर हाथों पैरों की अंगुलियों में खारिश, सोजिश और लाल रंग की पपड़ी की शिकायत हो तो तुरंत स्किन स्पैशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए। आपको चिलबलेन की शिकायत हो सकती है।

इसमें जिनेटिक प्रीडिस्पोजीशन और बहुत ठंड से खून की नाड़ियों का सिकुंड़ना इस बीमारी का मुख्य कारण है। यह जानकारी स्किन स्पैशलिस्ट डॉ. रवि सैनी ने दी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को यह बीमारी होती है, उनमें कम खून के रिसाव से हाथ, पैर की अंगुलियों में और कभी कानों और नाक की ऊपरी परत में खारिश और सोजिश हो जाती है।

अपनेठंडे हाथों को गर्म पानी में डालें

डॉ.सैनी ने बताया कि जिस व्यक्ति को एक बार अगर चिलबलेन हो जाए तो हर साल सर्दियों में इस बीमारी के वापस लौटने की संभावना रहती है। चिलबलेन खारिश सोजिश के साथ-साथ जख्म भी कर सकता है, जिससे दर्द और रोज के काम करने में दिक्कत आती है। आमतौर पर बुजुर्ग, बच्चों और टीनेजर में इस बीमारी के होने का खतरा अधिक रहता है। कई बार एक दम बहुत ठंड से गर्म कमरे में जाना या ठंडे हाथ पैरों को गर्म पानी में डालने से यह बीमारी हो सकती है।

समयपर ध्यान रखकर बच सकते हैं बीमारी से

उन्होंनेबताया कि हमें ज्यादा देर तक ठंड में नहीं रहना चाहिए। अगर हमारे घर के कामों में गर्म पानी का प्रयोग करना चाहिए। इंडियन टॉयलट में गर्म पानी का प्रयोग करना चाहिए। दस्ताने गर्म पानी का इस्तेमाल करना चाहिए और सुबह उठकर कसरत जरूर करनी चाहिए। जूते ऐसे पहनने चाहिए, जिससे हवा भी पैरों तक पहुंच सके।

घरेलुकाम करते हुए करें गर्म पानी का इस्तेमाल

घरोंमें काम करने वाली महिलाएं इससे अधिक पीड़ित होती हैं। ऐसे में उन्हें गर्म पानी जरूर उपलब्ध करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति इस बीमारी से ग्रस्त हो भी जाए तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर हम साधारण बातों का ध्यान रखें तो इस बीमारी को होने से रोका जा सकता है।

डॉ. रवि सैनी