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नशे के खिलाफ समाज और सुरक्षा एजेंसियां एकमत
सूबेमें बढ़ रहे नशीले पदार्थों की तस्करी, चुनौतियां और हल विषय को लेकर बीएसएफ की तरफ से जीएनडीयू में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, समाज शास्त्रियों तथा नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वालों ने हिस्सा लिया। यह पहला मौका था जब फोर्स की तरफ से आयोजित प्रोग्राम में हरेक वर्ग इस मुद्दे पर एकमत और एकजुट दिखा। सेमिनार में गेस्ट ऑफ ऑनर एसआईबी के डिप्टी डायरेक्टर मनमीत सिंह नारंग रहे।
सेमिनार में नारंग के अलावा बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के डायरेक्टर अनिल पालीवाल, अमृतसर सेक्टर के डीआईजी एमएफ फारुकी, नेशनल नारकोटिक ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर डॉ. कौस्तुभ शर्मा, प्रो. रनविंदर सिंह संधू, डॉ. सर्बजीत सिंह छीना, मास्टर अजीत सिंह आदि ने अपने विचार रखे। इस दौरान वक्ताओं ने सरहद पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी तथा देश के भीतर इसकी सप्लाई पर चिंता जताई। वक्ताओं का कहना था कि हमारी सुरक्षा एजेंसियों इस बुराई को रोकने के लिए पूरी तरह से जोर लगा रही हैं मगर फिर भी इस पर पूरी तरह से नकेल नहीं कसी जा रही है। इसके इस्तेमाल से हमारी युवा पीढ़ी तबाह हो रही है।
वक्ताओं ने इसके समाज पर पड़ने वाले आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभावों पर कहा कि इसे खत्म करना है तो समाज और सुरक्षा एजेंसियों को कंधे से कंधा मिला कर काम करना होगा। बीएसएफ के प्रयासों का सभी ने सराहा और कहा कि अब समाज के लोगों का भी दायित्व बनता है कि वह फोर्स के साथ मिलकर चलें।
बीएसएफ के डीआईजी एमएफ फारुकी ने समझाया कि लोग नशा करें।