नवरात्र पर इस बार हर दिन खास संयोग
दशहरे पर सर्वार्थसिद्धि का संयोग, अबूझ मुहूर्त और श्रवण नक्षत्र भी
भास्करन्यूज | अमृतसर
पंडितोंके अनुसार 25 सितंबर को हस्त नक्षत्र, ब्रह्म योग में घटस्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत होगी। इसके बाद आठ दिन तक सर्वार्थसिद्धि, आयुष्मान, सौभाग्य, ब्रह्म, शोभन और गजकेसरी योग जैसे दुर्लभ संयोग में नवरात्र मनंेगे। पंडितों के अनुसार यह सब योग श्रेष्ठ हैं। नवरात्र में देवी का आशीर्वाद तो मिलेगा ही खरीदारी भी श्रेष्ठ है। 3 अक्टूबर को नवमी के साथ-साथ दशहरा भी मनाया जाएगा।
तीन दिन गजकेसरी योग
पंडितअश्विनी शर्मा के अनुसार 26 सितंबर को सुबह 8.33 बजे से तुला का चंद्रमा शुरू हो जाएगा। यह 28 को शाम 5.22 बजे तक रहेगा। इस तरह तीन दिनों तक गजकेसरी का संयोग रहेगा।
सर्वार्थसिद्धि: हरकार्य को सिद्ध करने वाला।
गजकेसरी: कार्यमें स्थायित्व प्रदान करने वाला।
शोभन: सभीकार्य के लिए शुभ।
सौभाग्य: सुख-समृद्धिप्रदान करने वाला।
ब्रह्म: कार्यमें शुभ स्थायित्व प्रदान करता है।
आयुष्मान: आयु,आरोग्य, ऐश्वर्य की वृद्धि करता है।
(पंडितों के अनुसार।)
महाष्टमी-महानवमी भी खास
पं.गोल्डी शर्मा के अनुसार 2 अक्टूबर को महाष्टमी दोपहर 12.07 बजे तक है। यह मूल नक्षत्र युक्त है। साथ में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र भी है। इसके बाद महानवमी शुरू होगी। महागौरी-सिद्धि दात्री का एकसाथ पूजन होगा। रात 9.52 बजे उत्तराषाढ़ा नक्षत्र भी शुरू हो जाएगा। इस तरह से इन तीनों में महाष्टमी-महानवमी का पूजन होगा, यह त्रैलोक्य दुर्लभ संयोग बन रहा है।
25 सितंबर (प्रतिपदा) : ब्रह्मयोग, हस्त नक्षत्र।
26सितंबर (द्वितीया) : गजकेसरीयोग।
27सितंबर (तृतीया) : सर्वार्थसिद्धि।
28सितंबर (चतुर्थी) : गजकेसरी।विनायक चतुर्थी।
29सितंबर (पंचमी) : ललितापंचमी, सर्वार्थसिद्धि।
30सितंबर (षष्ठी) : आयुष्मान।
1अक्टूबर (सप्तमी) : सौभाग्य।
2अक्टूबर (महाष्टमी-महानवमी) : शोभन
3अक्टूबर (महानवमी-दशहरा) : सर्वार्थसिद्धि।अबूझ मुहूर्त।