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बैंक के अफसरों को कब्जा लिए बगैर जाना पड़ा वापस

7 वर्ष पहले
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मजीठारोड पर एसजी एन्क्लेव में एक प्लॉट की दीवार तोड़ कर रास्ता निकालने को लेकर इंडियन ओवरसीज बैंक के अफसरों और प्लॉट के मालिक के बीच टकराव हो गया। प्लॉट मालकिन गौरी अरोड़ा ने खुद पर मिट्टी का तेल डाल लिया और गेट पर बैठ गई। इसके साथ ही उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिख उसकी कॉपियां बांट दी।

मामले संबंधी जानकारी मिलने पर बिल्डर कृष्ण कुमार कुक्कू मौके पर पहुंच गए और बैंक के अफसरों को प्लॉट में से रास्ता नहीं निकालने दिया। करीब चार घंटे तक दोनों तरफ से बहस होती रही। जानकारी के मुताबिक मजीठा रोड पर सचिन अरोड़ा ने एक 3509 गज के प्लॉट पर घर बनाया हुआ है। इसको बैंक के पास गिरवी रख कर 2006 में 31 लाख रुपए का कर्जा लिया गया था। कर्जा फैक्टरी लगाने के लिए लिया गया था, लेकिन वह इसकी किश्त अदा नहीं कर पाए। इसके तहत बैंक ने कोर्ट में केस डाल दिया।

सचिन अरोड़ा का आरोप है कि उनका मामला अभी कोर्ट में चल रहा है और बैंक ने उनका घर एक एडवोकेट को करीब 72 लाख रुपए में बेच दिया है। इसी तहत वे लोग यहां पर कब्जा लेने के लिए आए हैं। यह सभी लोग एसजी एन्क्लेव में बने प्लॉट से उनके घर की तरफ रास्ता निकालना चाहते हैं।

एसजी एन्क्लेव पुडा से मान्यता प्राप्त है, जबकि जो प्लाट बैंक के पास गिरवी है, वह इस काॅलोनी में नहीं है। इसके अलावा सचिन की प|ी गौरी अरोड़ा ने खुद पर मिट्टी का तेल लिया और कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति प्लॉट से रास्ता लेने के लिए आएगा तो वह खुद पर तेल डालकर आग लगा लेंगी। उन्होंने सुसाइड नोट लिखकर तहसीलदार संजीव कुमार और एडवोकेट पर गंभीर आरोप भी लगाए।

\\\"एसजी एन्क्लेव के अंदर से दर्शाया है रास्ता\\\'

बैंकके अफसरों ने कहा कि सचिन अरोड़ा ने बैंक के पास जो दस्तावेज गिरवी रखे थे, उसमें यही दर्शाया गया है कि उनके घर का रास्ता एसजी एन्क्लेव के अंदर से निकलता है, जबकि अब वे लोग उन्हें रास्ता निकालने से रोक रहे हैं।

घर के बाहर अफसरों और मालिक सचिन अरोड़ा के बीच चार घंटे तक बहस होती रही।