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- \"मेरे बेटा ही मुझ पर झाड़ रहा हवलदारी का रौब\'
\"मेरे बेटा ही मुझ पर झाड़ रहा हवलदारी का रौब\'
मेराबेटा बलदेव सिंह अमृतसर के किसी थाने में हवलदार है, लेकिन अपनी हवलदारी का रौब वह मुझे पर झाड़ रहा है। मुझ से पैसे भी ले गया, मुझ पर झूठे केस भी डाल दिए और अब मुझे मेरे ही घर से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है। यह गुहार अटारी के पूर्व सरपंच चन्न सिंह ने मुख्यमंत्री परकाश सिंह के संगत दर्शन के दौरान अटारी में लगाई। चन्न सिंह आईसीपी बाॅर्डर पर कुली का काम करता है।
उसने बताया कि उनकी उम्र 65 के करीब हो चुकी है और उनका बेटा जिसे उन्होंने अपने हाथों में पाला आज उन्हें वर्दी का रौब झाड़ता है। जिस उम्र में उसे उनकी सेवा करनी चाहिए, उस समय वह उनके कोर्ट के चक्कर कटवा रहा है। इतना सुनते ही संगत दर्शन में बैठे सीएम परकाश सिंह बादल ने आईजी ईश्वर चंद्र को मामले की छानबीन करने के आदेश दे दिए। चन्न सिंह ने आईजी को बताया कि उनके बेटे की बैल्ट का नंबर 341 है। उन्हें पंचायत ने गांव में थोड़ी जमीन रहने को दे दी। मेहनत करके उन्होंने उस पर दो कमरे रहने के लिए डाल दिए, लेकिन अब उस पर भी उनके बेटे की नजर है। एक बार तो उसने उन्हें घर से भी निकाल दिया। उनसे 77 हजार रुपए ले गया। घर का सारा सामान भी बेच चुका है। वह साफ कहता है कि उनकी जिंदगी तो जेल में कट जाएगी।
उसे इस घर को बेचना ही बेचना है। आईजी ईश्वर चंद्र ने उसी समय पूरे मामले की छानबीन के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि वह अमृतसर पुलिस कमिश्नर से बलदेव सिंह के तबादले की बात करेंगे, ताकि वह वर्दी के बल पर अपने पिता को परेशान कर सके और इंक्वायरी में कोई दखलअंदाजी कर सके।
सीएम बादल ने आईजी ईश्वर चंद्र को चन्न सिंह के मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद चन्न सिंह ने आईजी को अपनी बात सुनाई।